अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि फरवरी में ईरान में लड़कियों के स्कूल पर जो हमला हुआ था, वो जानबूझकर नहीं किया गया था. ट्रंप ने ये बात इस मामले में चल रही एक जांच के आधार पर कही.
ये हमला 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में हुआ था. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस भयानक हादसे में 175 से ज्यादा लड़कियों और स्कूल स्टाफ की जान चली गई थी.
फ्रांस में हुए G7 सम्मेलन के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि इस मामले की जांच अभी चल रही है. युद्ध में गलतियां हो जाती हैं, लेकिन किसी ने भी ऐसा जानबूझकर नहीं किया.
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खास बात ये है कि शुरुआत में ट्रंप ने बिना किसी सबूत के इस हमले का जिम्मेदार सीधे ईरान को ठहराया था, लेकिन अब उनके सुर बदल गए हैं. उन्होंने कहा कि उनके पास अभी पूरी जानकारी नहीं है और वे जांच के आखिरी नतीजों का इंतजार करेंगे.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना की शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इस हमले के लिए खुद अमेरिकी सेना जिम्मेदार हो सकती है. हालांकि, पेंटागन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है और अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है.
सूत्रों का कहना है कि निशाना तय करने वाले अमेरिकी अधिकारियों ने शायद पुरानी खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया था, जिसकी वजह से ये बड़ा हादसा हो गया.
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सैन्य बेस से कनेक्शन
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख ने बताया कि इस मामले की जांच काफी उलझी हुई है. इसकी बड़ी वजह ये है कि लड़कियों का ये स्कूल ईरान के एक एक्टिव क्रूज मिसाइल बेस के बिल्कुल पास था. स्कूल की वेबसाइट के पुराने रिकॉर्ड्स भी दिखाते हैं कि स्कूल का परिसर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कंपाउंड के ठीक बगल में था.
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