सुनसान शहर, हर तरफ मलबा ही मलबा... महायुद्ध के बीच वॉर जोन से 'आजतक' की ग्राउंड रिपोर्ट

मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब लेबनान तक फैल गया है, जिससे बेरूत के कई इलाके तबाही और सन्नाटे में बदल गए हैं. इजरायली हमलों से दहियेह जैसे इलाकों में भारी नुकसान हुआ है और हजारों लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं. लेबनान में इस हफ्ते हुए हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.

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बेरूत के दक्षिणी इलाकों में इजरायल के हमलों से भारी तबाही हुई है (Photo: ITG) बेरूत के दक्षिणी इलाकों में इजरायल के हमलों से भारी तबाही हुई है (Photo: ITG)

अशरफ वानी

  • बेरूत,
  • 07 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:01 PM IST

बेरूत के दक्षिणी इलाकों की सड़कों पर अजीब सन्नाटा पसरा हुआ है. कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, खिड़कियां टूट चुकी हैं और पूरे मोहल्ले खाली पड़े हैं. 28 फरवरी से शुरू हुआ अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता युद्ध अब लेबनान तक पहुंच गया है, जिससे राजधानी बेरूत के कुछ इलाके लगभग भूतिया शहर जैसे हो गए हैं. बेरूत का घनी आबादी वाला इलाका दहियेह, जिसे ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह का मजबूत गढ़ माना जाता है, इजरायली हवाई हमलों से बुरी तरह तबाह हो गया है. 

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कई इमारतों और पूरे ब्लॉकों पर हाल ही की बमबारी के निशान दिखाई दे रहे हैं और सड़कों पर मलबा फैला हुआ है, जहां कभी लोगों की आवाजाही रहती थी. इन्हीं खंडहरों के बीच पहुंची 'आजतक' की टीम ने दहियेह से रिपोर्टिंग की. वहां एक रिहायशी इमारत इजरायली वायुसेना के हमले के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में दिखाई दी, जिस पर कुछ घंटे पहले ही हमला किया गया था.

रातों-रात खाली हो गए मोहल्ले 

यह इलाका पिछले साल अक्टूबर और नवंबर में हुई तबाही से अभी पूरी तरह संभल भी नहीं पाया था. उस समय इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच झड़पों के दौरान इजरायल ने भारी बमबारी की थी, जो बाद में युद्धविराम के बाद कुछ समय के लिए रुक गई थी. लेकिन अब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध दूसरे हफ्ते में पहुंच चुका है और इसके साथ ही यह उपनगर एक बार फिर हमलों का प्रमुख निशाना बन गया है.

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इजरायली सेना की ओर से इलाके को खाली करने की चेतावनी के बाद हजारों लोग अपने घर छोड़कर भाग गए हैं. कई मोहल्ले लगभग रातों-रात खाली हो गए. लोग खुले मैदानों, अस्थायी शरण स्थलों और बमबारी वाले इलाके से दूर किसी भी सुरक्षित जगह पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं.

बेरूत के पॉश इलाकों तक पहुंची युद्ध की आग

इस संघर्ष की आंच बेरूत के केंद्रीय इलाकों तक भी पहुंच गई है. दो दिन पहले शहर के एक पॉश इलाके में स्थित एक बहुमंजिला होटल पर इजरायली हमला हुआ. बताया गया कि यह बेहद सटीक निशाना साधकर किया गया हमला था, जिसमें इमारत के भीतर सिर्फ एक खास अपार्टमेंट को निशाना बनाया गया. उस अपार्टमेंट में ठहरे दो ईरानी नागरिक इस हमले में मारे गए. इस हमले को लेबनान में हिज्बुल्लाह और ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़े लोगों को निशाना बनाने की इजरायल की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

217 की मौत, 798 घायल

इस बीच लेबनान में इजरायल के हवाई हमले और तेज हो गए हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस हफ्ते इजरायली हमलों में कम से कम 217 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 798 लोग घायल हुए हैं. बढ़ते संघर्ष के कारण करीब 95 हजार लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं. इजरायली लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी लेबनान के कई शहरों और कस्बों पर भी हमले किए हैं. इनमें बंदरगाह शहर सैदोन भी शामिल है, जहां हुए हमले में पांच लोगों की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए.

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इजरायली सेना का कहना है कि उसने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में अब तक कम से कम 26 बार हमले किए हैं. सेना के अनुसार इन हमलों में हिज्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें संगठन की कार्यकारी परिषद का मुख्यालय और ड्रोन रखने वाले गोदाम शामिल हैं. वहीं हिज्बुल्लाह ने इन हमलों का बदला लेने की चेतावनी दी है. संगठन ने इजरायल पर लेबनान की संप्रभुता और नागरिक ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. हिज्बुल्लाह का कहना है कि उसने सीमा के पास मौजूद इजरायली जमीनी सैनिकों पर कई जवाबी हमले भी किए हैं.

ईरान के समर्थन में उतरा हिज्बुल्लाह
 
इस संघर्ष में तब और तेजी आ गई जब हफ्ते की शुरुआत में हिज्बुल्लाह ने ईरान के समर्थन में इजरायल की ओर रॉकेट दागे. इसके बाद इजरायल ने अपना सैन्य अभियान बढ़ाते हुए लेबनान में भी हमले तेज कर दिए. वहीं ईरान भी अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए इजरायल और अमेरिका पर मिसाइल हमले कर रहा है.

लड़ाई बढ़ने के साथ ही बेरूत के दक्षिणी उपनगर, जहां कभी करीब पांच लाख लोग रहते थे, अब लगभग खाली हो चुके हैं. जहां पहले भीड़भाड़ वाले बाजार और ऊंची रिहायशी इमारतें शहर की पहचान थीं, वहां अब मलबा, धूल और सन्नाटा नजर आता है. इस सन्नाटे को कभी-कभी ऊपर से गुजरते लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट ही तोड़ती है.

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ईरान के लिए आज की रात भारी

इस बीच मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान पर बड़े हमले की आशंका और बढ़ गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका आज रात अब तक की सबसे खतरनाक बमबारी की तैयारी कर रहा है. वहीं खबर है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तीसरा युद्धपोत भी तैनात कर सकते हैं. अब तक इस संघर्ष में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान ने कहा है कि वह अब पड़ोसी देशों पर हमले बंद करेगा, लेकिन उसने अमेरिका के सामने झुकने या सरेंडर करने से साफ इनकार कर दिया है. आज की रात ईरान पर बहुत भारी रहने वाली है. अमेरिका ने खुला ऐलान किया है कि वो आज की रात ईरान पर सबसे भीषण बमबारी करने वाला है. 

धमाकों से दहल रहे ईरान के शहर

ईरान के शहर-शहर धमाकों से दहल रहे हैं. अमेरिका और इजरायल ईरान में ताबड़तोड़ बारूद बरसा रहे हैं. राजधानी तेहरान में सरकारी इमारतें टारगेट पर हैं. ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर तबाही दिख रही है. इस बीच अब खबर है कि अमेरिका ने ईरान पर बहुत बड़े हमले की फाइनल तैयारी कर ली है. ये हमला सीधा ईरान की मिसाइल फैक्ट्रियों को निशाना बनाकर होगा. जिन जगहों से ईरानी मिसाइलें अमेरिकी सैन्य बेस को टारगेट बना रही हैं, वहां भी ताबड़तोड़ हमला होगा. 

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आठवें दिन भी पीछे हटने को तैयार नहीं ईरान

युद्ध के आठवें दिन भी ईरान पीछे हटता नहीं दिख रहा. लगातार मिडिल-ईस्ट में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. शनिवार को जॉर्डन से कुछ भयानक तस्वीरें सामने आईं, जहां अमेरिका के अहम सैन्य अड्डे पर तैनात डिफेंस सिस्टम को ईरान ने तबाह कर दिया. ईरान तमाम मोर्चों पर अमेरिका और इजरायल को नुकसान पहुंचाने के लिए पूरा जोर लगा रहा है.

ईरान के इस रुख को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही युद्ध के लंबा खिंचने की आशंका जता चुके हैं. लेकिन अब हर दिन बीतने के साथ अमेरिका को ईरानी जवाबी हमलों में न सिर्फ मिलिट्री उपकरणों का नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि सैन्य कार्रवाई में भारी-भरकम रकम भी खर्च करनी पड़ रही है. यही वजह है कि अब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर ली है. ताकि ईरान को भारी नुकसान पहुंचाकर उसे पीछे हटने पर मजबूर किया जा सके.

तीसरा युद्धपोत तैनात कर सकता है अमेरिका

ये भी खबर है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में तीसरा युद्धपोत भी जल्द तैनात कर सकता है. ईरान के धर्मगुरु मकारेम शिराजी ने देश में जल्द से जल्द नए सुप्रीम लीडर के चयन की मांग की है. सरकारी मीडिया के मुताबिक उन्होंने कहा कि देश के मामलों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने के लिए नए सुप्रीम लीडर का तुरंत चयन किया जाना चाहिए. यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान में नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

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