शेख हसीना की वापसी पर बांग्लादेश सरकार का बड़ा बयान- कानूनी प्रक्रिया से लाएंगे वापस

भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने जब 'बहुत जल्द वतन लौटने' की बात कही, तो बांग्लादेश सरकार का बड़ा बयान सामने आया है. वहां के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने साफ किया है कि वे शेख हसीना को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही वापस लाएंगे.

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं (File Photo) बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:56 PM IST

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना एक बार फिर चर्चा में हैं. मौत की सजा मिलने के बावजूद उन्होंने हाल ही में कहा था कि वह 'बहुत जल्द' अपने देश लौटेंगी. अब उनके इस बयान पर बांग्लादेश सरकार की तरफ से बड़ा जवाब आया है. वहां के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने साफ कहा है कि अगर शेख हसीना की वापसी होती है, तो वह 'कानूनी प्रक्रिया' के तहत ही होगी.

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बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार शेख हसीना को कानूनी रास्ते से ही वापस लाना चाहती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर हसीना खुद अपने देश वापस आना चाहती हैं, तो उन्हें रोकने के लिए कानून में कोई अड़चन नहीं है. हालांकि लौटने के बाद उन्हें अदालत की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा.

दरअसल, शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं. छात्र आंदोलन के बाद उनकी अवामी लीग सरकार गिर गई थी और उन्हें देश छोड़ना पड़ा था. इसके बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया और  उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में कार्रवाई शुरू हुई. नवंबर 2025 में उन्हें गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई गई थी.

क्या लौटते ही कानूनी कार्रवाई का सामना करेंगी शेख हसीना?

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अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर शेख हसीना वापस जाती हैं, तो उनके साथ वहां क्या होगा? प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार में वरिष्ठ मंत्री अहमद ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि शेख हसीना के खिलाफ कानून से हटकर या कोई जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी. उन्हें पूरी सुरक्षा और कानूनी अधिकार मिलेंगे. लेकिन हां, एक शर्त जरूर है. देश लौटते ही पूर्व प्रधानमंत्री को सबसे पहले वहां की अदालत के सामने खुद को सरेंडर करना होगा और अपने ऊपर चल रहे मुकदमों का सामना करना होगा.

दूसरी तरफ, ढाका के कानूनी जानकारों का कहना है कि शेख हसीना के लिए मुश्किलें बहुत ज्यादा हैं. अदालत ने उन्हें जो मौत की सजा सुनाई थी, उसे चुनौती देने या उसके खिलाफ अपील करने का समय अब खत्म हो चुका है. ऐसे में कानूनी तौर पर उनका बचना काफी मुश्किल लग रहा है.

हाल के दिनों में भारतीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा था कि वह सिर ऊंचा करके बहुत जल्द बांग्लादेश लौटेंगी. उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप भी लगाया था. साथ ही यह दावा किया था कि देश में भारत विरोधी माहौल बढ़ रहा है.

हसीना ने यह भी साफ किया है कि वह निर्वासन में रहते हुए भी अपनी पार्टी अवामी लीग का नेतृत्व जारी रखेंगी. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या वह सच में बांग्लादेश लौटेंगी और लौटने पर वहां का कानून उनके लिए क्या रास्ता तय करेगा.
 

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