पाकिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले में अफगान तालिबानी नेता मुल्ला अख्तर मंसूर के मारे जाने की खबर है. अमेरिका के एक अधिकारी ने ये जानकारी दी है. पाकिस्तान में ये हमला शनिवार सुबह करीब 6 बजे हुआ. मुल्ला मंसूर के मारे जाने की पुष्टि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी की है.
वरिष्ठ तालिबान कमांडर ने अमरीकी ड्रोन हमले में नेता मुल्ला अख्तर मंसूर की मौत की पुष्टि की है.
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर के एक रिमोट एरिया पर हमला किया. जो अहमद वाल कस्बे के दक्षिणी हिस्से में है.
कौन है मुल्ला अख्तर मंसूर
तालिबान ने अपने सुप्रीम लीडर मुल्ला उमर के मारे जाने के बाद को नया चीफ चुना. मंसूर, मुल्ला उमर का सहायक रह चुका है. वह 20 सदस्यीय शूरा का भी काम देखता था. उसे तालिबान के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन प्राप्त था. बताया जाता है कि मंसूर अफगान सरकार के साथ बातचीत का पक्षधर रहा है.
क्या है तालिबान
पश्तून आदिवासी बहुलों को है. सितंबर 1996 से अक्टूबर 2001 तक इसका अफगानिस्तान के कई हिस्सों और राजधानी काबुल पर शासन था. इसे पाकिस्तान, सऊदी अरब और यूएई का राजनीतिक समर्थन भी प्राप्त था. मुल्ला मोहम्मद उमर 1996 में का सुप्रीम लीडर था. उसने कंधार से ही इस संगठन की शुरुआत की थी. संगठन जब अफगानिस्तान में सत्ता में आया तो उसे शरिया कानून लागू कर दिया.
अंजलि कर्मकार