ईसा मसीह की मूर्ति तोड़ने वाले इजरायली सैनिक को हुई जेल, IDF ने लगवाया नया स्टैचू

इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में ईसा मसीह की मूर्ति तोड़ने वाले सैनिक को एक महीने के लिए जेल भेज दिया है. इजरायली सेना ने टूटी हुई मूर्ति की जगह नई मूर्ति भी स्थापित की है. मौके पर छह और सैनिक भी मौजूद थे. जिनसे जवाब तलब किया गया है.

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इजरायली सेना ने दो सैनिकों को सजा दी है. (Photo: ITGD) इजरायली सेना ने दो सैनिकों को सजा दी है. (Photo: ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:20 PM IST

दक्षिणी लेबनान में ईसा मसीह की मूर्ति को तोड़ने वाले इजरायली सैनिक और उसकी फोटो खींचने वाले साथी पर सेना ने सख्त कार्रवाई की है. इजरायली रक्षा बल (IDF) ने दोनों सैनिकों को युद्ध ड्यूटी से हटा दिया है. इसके साथ ही दोनों को 30 दिनों के लिए सैन्य जेल की सजा सुनाई गई है.

IDF ने बताया कि क्षतिग्रस्त की गई मूर्ति की जगह अब नई मूर्ति भी लगा दी गई है. सेना ने 21 अप्रैल 2026 को नई मूर्ति देबेल गांव पहुंचा दी है. स्थानीय समुदाय के साथ तालमेल बिठाते हुए इजरायली सेना ने इस काम को अंजाम दिया. 

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162वें डिवीजन के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल सगीव दहन को इस जांच की रिपोर्ट सौंपी गई थी. उन्होंने दोनों दोषी सैनिकों को जेल भेजने का फैसला सुनाया. मौके पर मौजूद बाकी 6 सैनिकों से भी जवाब तलब किया गया है, जिसके बाद उन पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

इजरायली सेना ने एक बयान में कहा, 'उत्तरी कमान ने घटना की रिपोर्ट मिलते ही मूर्ति को बदलने के लिए काम शुरू कर दिया था. हम इस घटना पर अफसोस जाहिर करते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि भविष्य में ऐसा दोबारा नहीं होगा. जांच में पाया गया कि सैनिकों की ये हरकत IDF के आदेशों और मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ था.'

सेना को जांच में पता चला कि ये घटना लेबनान के ईसाई बहुल गांव 'देबेल' में हुई थी. मूर्ति तोड़ने वाले और फोटो खींचने वाले सैनिकों के अलावा वहां छह दूसरे सैनिक भी मौजूद थे. इन छह सैनिकों ने न तो इस हरकत को रोकने की कोशिश की और न ही इसकी रिपोर्ट अपने अधिकारियों को दी.

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यह भी पढ़ें: इजरायली सैनिकों ने तोड़ी ईसा मसीह की मूर्ति, विदेश मंत्री को मांगनी पड़ी माफी, कहा- ये शर्मनाक

IDF प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकत बर्दाश्त से बाहर है और इजरायली सेना के मूल्यों के खिलाफ है.

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