पश्चिम बंगाल की नई शुभेंदु अधिकारी सरकार द्वारा अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ उठाए गए सख्त कदम और अस्थाई होल्डिंग सेंटरों की शुरुआत के बाद सीमावर्ती इलाकों में हड़कंप मच गया है. कानूनी कार्रवाई के खौफ से सैकड़ों अवैध घुसपैठियों का खुद-ब-खुद वापस बांग्लादेश लौटने का सिलसिला जारी है. मंगलवार की तरह ही बुधवार सुबह भी बॉर्डर पॉइंट्स पर भारी संख्या में घुसपैठिए देश छोड़ने के लिए बॉर्डर पर कतार में खड़े हैं.
सूत्रों ने बताया कि प्रशासन द्वारा मंगलवार की गई कार्रवाई के बाद बुधवार सुबह से हकीमपुर सीमा से सटे इलाकों में बांग्लादेश से आए अवैध घुसपैठियों की आवाजाही शुरू हो गई. फिलहाल 35 से 40 अवैध घुसपैठिए बांग्लादेश लौटने के लिए हकीमपुर सीमा पर इंतजार कर रहे हैं.
हकीमपुर बॉर्डर पहुंचे अवैध बांग्लादेशी
स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इससे ठीक एक दिन पहले मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने हकीमपुर बॉर्डर पर लगभग दो सौ अवैध प्रवासियों के एक बड़े समूह को घेरा था, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूरी करने के लिए स्थानीय होल्डिंग सेंटरों में भेजा गया है.
इन सभी प्रवासियों को स्थापित नियमों के तहत जल्द ही वापस बांग्लादेश भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसके डर से अब नए बॉर्डर पॉइंट्स पर भी प्रवासियों का जमावड़ा शुरू हो गया है.
हकीमपुर सीमावर्ती क्षेत्र में ये ताजा हलचल राज्य सरकार द्वारा अवैध प्रवासियों के खिलाफ शुरू किए गए व्यापक अभियान के बाद देखी जा रही है. इससे पहले जब एसआईआर (SIR) प्रक्रिया की शुरुआत हुई थी, तब भी बॉर्डर पर ऐसे ही दृश्य सामने आए थे. अब नए होल्डिंग सेंटर खुलने से डरे प्रवासी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए खुद ही भाग रहे हैं.
यहां बांग्लादेश क्यों रहें?
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'बांग्लादेशी यहां क्यों रहें? वो केंद्र सरकार द्वारा दी गई हर सुविधा का लाभ उठा रहे हैं. वो गरीबों के लिए बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं से फायदा उठा रहे हैं.'
दिलीप घोष ने पूर्व की राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इन अवैध घुसपैठियों को नागरिकता देकर, वोटर आईडी और आधार कार्ड जारी करके और मतदाता के रूप में पंजीकृत करके, यहां उनके वोट मांगे जा रहे थे... ऐसे लोगों की पहचान करके उन्हें अलग किया जाएगा.
दिलीप घोष ने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि उन्हें वापस भेज दिया जाएगा. बेहतर होगा यदि वो स्वेच्छा से अपने देश लौट जाएं... अन्यथा सरकार को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.'
राज्य सरकार ने लागू की थ्री D नीति
आपको बता दें कि बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद राज्य में अवैध घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. सरकार ने थ्री डी- डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट नीति के तहत विशेष होल्डिंग सेंटर बनाने के निर्देश जारी किए हैं. राज्य में पाए जाने वाले अवैध अप्रवासियों को एक निर्धारित चार्टर के अनुसार औपचारिक, कनूनी प्रत्यावर्तन होने तक इन केंद्रों में रखा जाएगा. अस्थायी होल्डिंग सेंटर्स का सक्रिय होना घुसपैठियों के बीच दहशत का माहौल बना रहा है, जिसके चलते कई लोग स्वेच्छा से बॉर्डर की ओर बढ़ रहे हैं.
तपस सेनगुप्ता