उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की लखनऊ सेक्टर टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पूर्व सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था. इसी जांच के सिलसिले में अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त कर अधिकारियों ने मंगलवार और बुधवार को उनके लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी वाले आवास पर सघन छापेमारी की. इस कार्रवाई के दौरान जांचकर्ताओं को उनके घर से भारी मात्रा में छिपाकर रखी गई नकदी, भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, कीमती धातुएं और विभिन्न चल-अचल संपत्तियों के गुप्त दस्तावेज बरामद हुए.
पैकेटों में छिपाकर रखी गई थी नकदी
विजिलेंस टीम जब पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी वाले घर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई. जांचकर्ताओं ने घर के अंदर अलग-अलग ठिकानों पर पैकेटों में छिपाकर रखी गई करीब 1.62 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की है. अधिकारियों ने सभी संदिग्ध ठिकानों को खंगालकर इस गुप्त कैश को जब्त कर लिया, जिसे अब आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए केस डायरी और चल रही जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है.
करोड़ों के सोने और चांदी के बिस्कुट बरामद
छापेमारी के दौरान घर से भारी मात्रा में कीमती धातुएं भी मिली हैं. विजिलेंस ने करीब 13 किलोग्राम सोना (सलाखों, ईंटों और आभूषणों के रूप में) और लगभग 9 किलोग्राम चांदी (सलाखों, बिस्कुटों और गहनों के रूप में) जब्त की है. इन बरामद कीमती धातुओं और आभूषणों की कुल कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई है. इतनी बड़ी मात्रा में सोना-चांदी देखकर टीम के अधिकारी भी हैरान रह गए.
कई जिलों में फैली अचल संपत्तियां
जांचकर्ताओं को ललित कुमार के घर से कई चल और अचल संपत्तियों में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. इनमें लखनऊ में कई आवासीय मकान और प्लॉट, लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली जिलों में कृषि भूमि, तथा लखनऊ और नोएडा में फ्लैटों की बुकिंग शामिल हैं. इन सभी अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा अधिकारियों ने घर से एक टोयोटा इनोवा, एक हुंडई आई20 कार और एक रिवॉल्वर भी बरामद की है.
सरकारी योजनाओं और बैंक जमा में निवेश
विजिलेंस की इस तलाशी में बैंक जमा, डाकघर योजनाओं, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में 1 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के दस्तावेज भी हाथ लगे हैं. जांच दल ने घर के महंगे साजो-सामान और अन्य कीमती घरेलू सामानों की एक सूची भी तैयार की है. विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट के अनुसार, बरामद नकदी, कीमती धातुओं, आभूषणों, चल-अचल संपत्तियों और निवेश की कुल कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसकी पूरी बारीकी से पुष्टि की जा रही है.
सफल टीम के लिए नकद इनाम की घोषणा
विजिलेंस टीम के अनुसार, तलाशी के दौरान बरामद की गई इन सभी संदिग्ध संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है और इन्हें चल रही जांच में शामिल किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस बेहद सफल और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली लखनऊ सेक्टर की टीम की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और निदेशक, सतर्कता अधिष्ठान ने टीम के लिए 1 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है.
जहां पोस्टेड रहे, आरोप लगे
ललित कुमार परिवहन विभाग के रिटायर्ड एआरटीओ हैं. कानपुर में तैनाती के दौरान वैध आय (93.26 लाख रुपये) से 68.66 लाख रुपये अधिक खर्च करने पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने जांच शुरू की थी. इसके बाद जून 2022 में उन्हें आगरा का एआरटीओ बनाया गया, जहां दो साल के कार्यकाल के दौरान भी उन पर आय से अधिक संपत्ति जुटाने का मामला सामने आया.
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