NEET पेपर लीक मामले के बाद उत्तर प्रदेश में होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और सख्त कर दिया गया है. यूपी पुलिस में 32,679 पदों पर यह भर्ती परीक्षा 8 से 10 जून के बीच आयोजित की जाएगी. प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल मुक्त बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है.
इस परीक्षा का आयोजन प्रदेश के सभी 75 जिलों में किया जाएगा. कुल 1180 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. परीक्षा में करीब 28 लाख 86 हजार 797 अभ्यर्थी शामिल होंगे. परीक्षा रोजाना दो पालियों में होगी और कुल 6 शिफ्ट में पूरी कराई जाएगी.
NEET पेपर लीक के बाद यूपी स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने सभी यूनिट्स को अलर्ट पर रखा है. नोएडा, बरेली, झांसी और आगरा यूनिट को विशेष रूप से निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. STF को पेपर लीक करने वाले गैंग, सॉल्वर गैंग और परीक्षा के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों पर नजर रखने को कहा गया है.
यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा पर सख्ती बढ़ी
इसके अलावा हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आए अपराधियों पर भी विशेष निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं. सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके.
परीक्षा को लेकर जारी SOP का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं. परीक्षा केंद्र पर तैनात हर कर्मचारी का वेरिफिकेशन किया जाएगा. इसके साथ ही ड्यूटी पर लगे हर राज्य कर्मचारी का ई-वेरिफिकेशन भी अनिवार्य किया गया है.
परीक्षा केंद्रों पर ई-वेरिफिकेश व्यवस्था लागू
परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है. हर परीक्षा कक्ष के अलावा सेंटर के खाली कमरों को भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं. किसी भी बाहरी व्यक्ति का परीक्षा केंद्र में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी. पुलिस और STF की संयुक्त टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी ताकि किसी भी प्रकार की नकल या पेपर लीक की घटना को रोका जा सके.
संतोष शर्मा