टास्क फोर्स की मूवमेंट बताकर सरकार को पहुंचाते थे करोड़ों का नुकसान, खनन माफियाओं के दो गुर्गे गिरफ्तार

बांदा पुलिस ने अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो खनन माफियाओं को टास्क फोर्स और अधिकारियों की लोकेशन उपलब्ध कराते थे. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, मोबाइल और बाइक बरामद की है. अब उनकी संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी गई है.

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अवैध खनन का नेटवर्क ध्वस्त!Photo: Siddhartha Gupta/ITG) अवैध खनन का नेटवर्क ध्वस्त!Photo: Siddhartha Gupta/ITG)

सिद्धार्थ गुप्ता

  • बांदा,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST

उत्तर प्रदेश के बांदा में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने खनन माफियाओं के लिए काम करने वाले दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सरकारी टास्क फोर्स और अधिकारियों की लोकेशन खनन माफियाओं तक पहुंचाकर अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे थे. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

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पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान मटौंध थाना क्षेत्र के रहने वाले प्रेमनारायण और प्रमोद के रूप में हुई है. दोनों पर आरोप है कि वे अवैध खनन और परिवहन से जुड़े लोगों को पुलिस, खनिज विभाग, राजस्व विभाग और सेल टैक्स अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी देते थे.

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इस सूचना के आधार पर अवैध रूप से मोरंग और गिट्टी लेकर चलने वाले ओवरलोड वाहन अपना रास्ता बदल लेते थे और जांच से बच निकलते थे. इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान पहुंचता था और अवैध खनन का कारोबार निर्बाध रूप से चलता रहता था.

CM योगी की टास्क फोर्स की लोकेशन करते थे शेयर

प्रदेश में अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है. यह टास्क फोर्स डीएम और एसपी की निगरानी में जिले के विभिन्न थाना और तहसील क्षेत्रों में लगातार चेकिंग अभियान चलाती है.

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पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी टास्क फोर्स की गतिविधियों पर नजर रखते थे और अधिकारियों की लोकेशन की जानकारी तत्काल खनन माफियाओं तक पहुंचा देते थे. इसके बाद अवैध खनन में लगी गाड़ियां अपना रूट बदलकर निकल जाती थीं.

सूचना मिलने के बाद एसपी पलाश बंसल के निर्देश पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया.

नकदी, बाइक और मोबाइल फोन बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 79 हजार रुपये नकद, एक बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं. जांच एजेंसियां अब मोबाइल फोन के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों का नेटवर्क कितना बड़ा था और वे किन-किन लोगों के संपर्क में थे.

पुलिस का मानना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से अवैध खनन सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच की जा रही है.

बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है ताकि आरोपियों की गतिविधियों और संपर्कों की पूरी जानकारी जुटाई जा सके.

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संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड की होगी जांच

बांदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने आरोपियों की क्राइम कुंडली खंगालने और उनकी संपत्तियों की जांच के निर्देश दिए हैं. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध गतिविधियों से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां और किस रूप में किया गया.

अपर पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक ने बताया कि बांदा में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है. गिरफ्तार आरोपी अधिकारियों की लोकेशन ट्रैक कर अवैध खनन में लगे ओवरलोड ट्रकों को अलग-अलग रास्तों से निकलवाने का काम करते थे.

उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है. साथ ही मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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