उत्तर प्रदेश के संभल स्थित जामा मस्जिद में आज दोपहर 1:38 बजे अलविदा जुमे की नमाज कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न होगी. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तीन कंपनी पीएसी, 200 रिक्रूट कांस्टेबल और कई थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से जामा मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाज पढ़ने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है.
ईरान-इजरायल युद्ध के मद्देनजर संभावित विरोध प्रदर्शन और सड़क पर भीड़ जमा होने को लेकर सीओ पीस कमेटी की बैठक में पहले ही चेतावनी दे चुके हैं. संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पहरा है. ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है.
मामले में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर पुलिस अलर्ट है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से तीन कंपनी पीएसी, 200 रिक्रूट कांस्टेबल और विभिन्न थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है. इसके अलावा खुफिया विभाग की टीम को भी लगाया गया है. सभी जगह पर सीसीटीवी कैमरो से निगरानी की जा रही है. जिले में धारा 163 लागू है और पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
नमाज को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट
गौरतलब है कि संभल में अलविदा जुमा और ईद की नमाज को लेकर प्रशासन बेहद सख्त है. पीस कमेटी की बैठक में सीओ ने उपद्रवियों और सड़क पर नमाज पढ़ने वालों को खुली चेतावनी दी थी.
क्षेत्राधिकारी (CO) ने पीस कमेटी की बैठक में कड़े तेवर दिखाते हुए स्पष्ट किया था कि अलविदा जुमा और ईद पर किसी भी हाल में सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी. ईरान-इजरायल युद्ध के समर्थन में विरोध प्रदर्शन या स्लोगनबाजी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ी, तो उसका 'पक्का इलाज' किया जाएगा.
सीओ ने दो टूक कहा था कि जिसे ज्यादा दर्द है, वह जहाज पकड़कर ईरान जाए और वहां से लड़े, लेकिन यहां माहौल खराब करने वालों को जेल भेजा जाएगा. रील बनाने के चक्कर में स्टंट करने वालों की 'रेल' बनाने और पोस्टर छापने वालों तक पर कार्रवाई की सख्त हिदायत दी गई है.
अभिनव माथुर