लखनऊ के KGMU में दवाओं के नाम पर करोड़ों का घोटाला? अधिकारियों को ऐसे हुआ शक

लखनऊ के KGMU में कैंसर मरीजों के लिए खरीदी गई महंगी दवाओं के इस्तेमाल को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की दवाओं की संदिग्ध खपत और रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं. मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है.

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लखनऊ के KGMU में करोड़ों का घोटाला (Photo: itg) लखनऊ के KGMU में करोड़ों का घोटाला (Photo: itg)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 01 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:35 PM IST

उत्तर प्रदेश में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कैंसर मरीजों के नाम पर करोड़ों रुपये की दवाओं के घोटाले की आशंका ने हड़कंप मचा दिया है. यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना के तहत मिलने वाली महंगी दवाओं की फर्जी खपत दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है. प्रारंभिक जांच में करीब दो करोड़ रुपये की दवाओं में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है.

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KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान दवा काउंटर पर तैनात संविदाकर्मियों को हटा दिया गया है और उन्हें विभागाध्यक्ष कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है. जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारी लखनऊ नहीं छोड़ सकेंगे. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कमेटी सोमवार तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ रिकवरी और सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई की जाएगी.

जांच में यह भी सामने आया है कि कैंसर मरीजों को भर्ती कर दवा देने के नियम का उल्लंघन किया गया. कई मरीजों के नाम पर कागजों में ताकत बढ़ाने और प्रोटीन के इंजेक्शन एक महीने में चार से पांच बार लगाए जाने की एंट्री मिली है, जबकि चिकित्सकीय मानकों के अनुसार ऐसा इंजेक्शन छह महीने में एक बार ही लगाया जा सकता है. इन इंजेक्शनों की कीमत 8 से 10 हजार रुपये प्रति डोज बताई जा रही है.

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महंगी दवाओं के बजट में अचानक आई बढ़ोतरी ने अधिकारियों का शक बढ़ाया. अक्टूबर-नवंबर 2025 में जहां विभाग में हर महीने करीब 10 लाख रुपये की दवाओं की खपत दर्ज थी, वहीं फरवरी 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 40 लाख रुपये पहुंच गया. मार्च में दवाओं का बजट 45 लाख रुपये से अधिक हो गया. इसके बाद बिलों और डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन का ऑडिट कराया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. KGMU प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

 

 

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