सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद बड़ा एक्शन, डासना में सरकारी जमीन पर बने मदरसे पर चला बुलडोजर

सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद गाजियाबाद में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार जारी है. खोड़ा में दो मदरसों को सील करने के बाद बुधवार को डासना के कल्लूगढ़ी में सरकारी जमीन पर बने एक मदरसे पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे अभियान को अंजाम दिया गया.

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अवैध मदरसों और कब्जों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई. (Photo: Screengrab) अवैध मदरसों और कब्जों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई. (Photo: Screengrab)

मयंक गौड़

  • गाजियाबाद ,
  • 03 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:08 PM IST

सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद गाजियाबाद जिले में अवैध निर्माणों और अवैध मदरसों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है. इसी कड़ी में बुधवार को डासना क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बने एक मदरसे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई. भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मदरसे के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कराई गई. पूरे अभियान की निगरानी गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र मांदड़ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में की गई.

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इससे पहले मंगलवार को खोड़ा क्षेत्र में दो मदरसों को सील किया गया था. इसके बाद बुधवार को प्रशासन की टीम डासना क्षेत्र के कल्लूगढ़ी पहुंची, जहां सरकारी भूमि पर बने मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई. प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण अभियान चलाया.

प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार डासना स्थित मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम के खिलाफ राजस्व न्यायालय में वाद संख्या टी-202311280100410 के तहत कार्रवाई की गई है. राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के अनुसार ग्राम सभा डासना की गाटा संख्या 1548ख की सरकारी भूमि पर कब्जे का मामला सामने आया था. इस संबंध में पूर्व में पारित आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया था.

कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया गया

राजस्व न्यायालय द्वारा जारी आदेश में संबंधित भूमि से बेदखली कर कब्जा ग्राम सभा को दिलाने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही लगभग 1 करोड़ 23 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि की वसूली के भी आदेश जारी किए गए. इन्हीं आदेशों के अनुपालन में प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की.

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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और पीएसी जवानों को तैनात किया गया था. प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र की निगरानी की और कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए आवश्यक इंतजाम किए.

कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि न्यायालय और राजस्व विभाग के आदेशों का पूरी तरह पालन हो. प्रशासनिक टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए रही और पूरे अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया.

गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र मांदड़ और एडिशनल कमिश्नर राज करण नैय्यर ने भी आज की गई कार्रवाई को लेकर जानकारी दी. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे. जिन मामलों में न्यायालय और राजस्व विभाग के आदेश प्राप्त हैं, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद शुरू हुए इस अभियान को जिले में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया है और प्रशासन की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि सरकारी भूमि पर कब्जे से जुड़े मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी.

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हाई अलर्ट के बीच बुलडोजर से हटाया गया अवैध निर्माण

डासना में हुई इस कार्रवाई के बाद अब जिले के अन्य क्षेत्रों पर भी प्रशासन की नजर है. अधिकारियों का कहना है कि जिन स्थानों पर अवैध कब्जे या अवैध निर्माण से जुड़े मामले सामने आएंगे और जहां वैधानिक आदेश उपलब्ध होंगे, वहां भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल डासना में चलाया गया यह अभियान गाजियाबाद में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की सबसे प्रमुख कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है.
 

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