'मंदिरों में ताकत होती तो देश में लुटेरे नहीं आते', सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का विवादित बयान

कौशांबी जिले में समाजवादी पार्टी (SP) के कार्यालय में आंबेडकर जयंती कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय महासचिव और मंझनपुर से विधायक इंद्रजीत सरोज ने हिंदू देवी देवताओं का अपमान करते हुए विवादित बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि भारत के मंदिरों में ताकत होती तो देश में लुटेरे नहीं आते. इस दौरान उन्होंने करणी सेना को लेकर भी बयान दिया.

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सपा नेता इंद्रजीत सरोज का विवादित बयान सपा नेता इंद्रजीत सरोज का विवादित बयान

अखिलेश कुमार

  • कौशांबी,
  • 15 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 8:25 AM IST

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में समाजवादी पार्टी (SP) के कार्यालय में आंबेडकर जयंती कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय महासचिव और मंझनपुर से विधायक इंद्रजीत सरोज ने हिंदू देवी देवताओं का अपमान करते हुए विवादित बयान दे दिया. उन्होंने मंदिरों की ताकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भारत के मंदिरों में ताकत होती तो मोहम्मद बिन कासिम, महमूद ग़ज़नवी और मोहम्मद गौरी जैसे लुटेरे देश में नहीं आते. अगर ताकत है तो सत्ता के मंदिर में है, बाबा अपना मंदिर छोड़कर के सत्ता के मंदिर में बिराजमान हैं. हेलिकॉप्टर पर चलने का काम करते हैं.

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राम का नारा लगाने से कुछ नहीं होगा

राम का नारा लगाने से कुछ नहीं होगा, जय भीम का नारा लगाइए तो आप आगे बढेंगे. इंद्रजीत सरोज ने खुद को जय भीम का सच्चा अनुयायी बताते हुए कहा कि इस नारे की बदौलत वे पांच बार विधायक और एक बार मंत्री बने. तुलसीदास को लेकर भी उन्होंने विवादित टिप्पणी की और कहा कि तुलसीदास ने लिखा कि अगर कोई नीच जाति का व्यक्ति पढ़-लिख जाए तो वो सांप के दूध पीने जैसा होता है.

यह भी पढ़ें: सपा से बढ़ीं राजा भैया की नजदीकियां! इंद्रजीत सरोज के खिलाफ वापस लिया मानहानि का केस

सरोज यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि तुलसीदास ने हमारे लिए बहुत कुछ लिखा है, लेकिन अकबर के समय रहते मुसलमानों के खिलाफ कुछ नहीं लिखा. शायद उनकी हिम्मत नहीं पड़ी. बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए सरोज बोले करछना में दलित बिरादरी के युवक को ज़िंदा फूंक दिया गया, लेकिन मायावती नहीं आईं. उन्होंने समाज को बर्बाद कर दिया है.

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करणी सेना को लेकर भी सरकार को घेरा

देश में करणी सेना को खुली छूट मिली है. करणी सेना वाले समाजवादी नेताओं को गालियां देते हैं, लेकिन उन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं होता. हमारे समाज का गरीब अपनी बेटियां बेच रहा है, उनके पास शादी कराने तक के पैसे नहीं हैं. बीजेपी सरकार की तरफ से उनकी मदद नहीं की जा रही है. 
 

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