नोएडा के सेक्टर-51 स्थित केंद्रीय विहार में रहने वाले 84 वर्षीय बुजुर्ग के साथ साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. यहां ठगों ने खुद को साइबर सेल और सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें झांसे में लिया और डिजिटल अरेस्ट कर करीब 85 लाख रुपये की ठगी कर ली.
एक बार 30, फिर 55 लाख कराया गया ट्रांसफर
पीड़ित धीरेंद्र के शिकायत के अनुसार उनके पास एक कॉल आया जिसमें कॉलर ने खुद को बेंगलुरु साइबर सेल का अधिकारी बताया. उसने कहा कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा मोबाइल खरीदा गया है. इसके बाद कॉल को दूसरे लोगों से जोड़ दिया गया, जिन्होंने खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताया और मनी लॉन्ड्रिंग व अन्य गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी.
7 से 22 अप्रैल के बीच ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए लगातार पूछताछ की और खुद को सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई से जुड़ा बताकर डराया. उन्होंने गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती का डर दिखाकर पीड़ित से बैंक खातों की जानकारी ली और पैसे ट्रांसफर करवा लिया. ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने पहले 13 अप्रैल को 30 लाख रुपये और फिर 21 अप्रैल को 55 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए.
मनी ट्रेल वेरिफिकेशन के नाम पर कराया पैसा ट्रांसफर
ठगों ने इसे “मनी ट्रेल वेरिफिकेशन” बताकर भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद रकम वापस कर दी जाएगी. आखिरी बार 22 अप्रैल को ठगों ने एक फर्जी सीबीआई लेटर दिखाकर 1.24 करोड़ रुपये और जमा करने का दबाव बनाया, जिसे पीड़ित ने मना कर दिया. इसके बाद ठगों ने संपर्क बंद कर दिया. जिसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ.
जिसके बाद पीड़ित ने 25 अप्रैल को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है और उसके बाद थाना साइबर क्राइम सेक्टर 36 में भी शिकायत दर्ज करवाया. अब साइबर क्राइम पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
भूपेन्द्र चौधरी