मेरठ में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड से कथित तौर पर बनाई गई करोड़ों की संपत्ति को कुर्क कर दिया. थाना लोहियानगर पुलिस ने जिलाधिकारी के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपी अलाउद्दीन की करीब 2.50 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त की.
थाना लोहियानगर पुलिस ने जिलाधिकारी के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपी अलाउद्दीन की करीब 2.50 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क कर दी. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने साइबर फ्रॉड से अवैध कमाई कर मेरठ के ग्राम बाजोट में कई प्लॉट और एक मकान खरीदा था. जांच के बाद इन संपत्तियों को अपराध से अर्जित आय से खरीदा गया माना गया.
कार्रवाई के तहत ग्राम बाजोट के चार प्लॉट और मेरठ रेजीडेंसी कॉलोनी का एक आवासीय प्लॉट और पक्का मकान कुर्क किया गया. पुलिस का कहना है कि इन संपत्तियों की सर्किल रेट के हिसाब से कीमत करीब 98 लाख रुपये है, लेकिन मौजूदा बाजार में इनकी कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपये आंकी गई है.
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पुलिस, तहसील और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ढोल-नगाड़े बजवाकर मुनादी कराई गई, ताकि इलाके के लोगों को बताया जा सके कि यह संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की जा रही है. इसके बाद संपत्तियों पर जब्ती का नोटिस चस्पा कर उन्हें सील कर दिया गया.
पुलिस के मुताबिक, अलाउद्दीन के खिलाफ मेरठ, अयोध्या और राजस्थान में साइबर फ्रॉड, धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत सात केस दर्ज हैं. जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी लंबे समय से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और उसी कमाई से उसने करोड़ों की संपत्ति बनाई. मेरठ पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई पर भी लगातार कार्रवाई की जाएगी, ताकि अपराध से कमाई गई संपत्ति को जब्त कर ऐसे नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ी जाए.
उस्मान चौधरी