यूपी में बारिश बनी आफत: बिजनौर में सड़कों पर बहीं नदियां, महराजगंज में नेपाल के नाले ने तोड़ा तटबंध

उत्तर प्रदेश के बिजनौर और महराजगंज जिलों में भारी बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. सड़कों पर कई फीट पानी आने से जहां प्रमुख मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं, वहीं नेपाल से आने वाले नाले का तटबंध टूटने से किसानों की फसलें तबाह हो गई हैं.

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बिजनौर और महराजगंज में बारिश का कहर (Photo- Screengrab) बिजनौर और महराजगंज में बारिश का कहर (Photo- Screengrab)

अमितेश त्रिपाठी / संजीव शर्मा

  • महराजगंज/बिजनौर ,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:36 PM IST

Uttar Pradesh Rain: बिजनौर और महराजगंज जिलों में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी पानी के आगमन से नदियां उफान पर आ गई हैं. बिजनौर में गंगा और मालन नदी का पानी सड़कों पर बहने के कारण मुजफ्फरनगर के देवाल गांव के पास से बिजनौर-मेरठ मार्ग और बिजनौर-हरिद्वार मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. 

इसी तरह महराजगंज जिले में नेपाल से आने वाले महाव नाले का पूर्वी तटबंध करीब 10 फीट से अधिक चौड़ाई में टूट गया है. तटबंध टूटने से खेतों में सिल्ट भर गई है और किसानों की खड़ी फसल जलमग्न हो गई है. प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में मुस्तैदी से राहत और मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं.

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बिजनौर में रास्ते बंद, फंसी रोडवेज बस

बिजनौर में दो दिन से जारी मूसलाधार बारिश के चलते हरिद्वार मार्ग पर सुबह 11 बजे से 3-4 फीट पानी बह रहा है. इस दौरान एक रोडवेज बस पानी के बीच फंस गई, जिसे क्रेन की मदद से निकाला गया और फिर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया. मेरठ और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अब चांदपुर-मवाना और गजरौला के रास्ते डायवर्ट किया जा रहा है.

जान जोखिम में डाल रहे लोग, मौसम का अलर्ट

बढ़ापुर कस्बे की पहाड़ा नदी भी पूरे उफान पर है, जहां ग्रामीण अपनी मोटरसाइकिलें बुग्गियों (बग्गियों) पर रखकर जान जोखिम में डालते हुए नदी पार कर रहे हैं. कई गांवों में पानी घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रख दिया है.

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महराजगंज में सिंचाई विभाग की खुली पोल

उधर महराजगंज में महाव नाले का तटबंध टूटने से सिंचाई विभाग के फ्लड फाइटिंग के दावों की कलई खुल गई है. खेतों में पानी भरने से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है. हैरान करने वाली बात यह है कि विभाग टूटे हिस्से की मरम्मत के लिए मुख्य बांध को ही काटकर उसकी मिट्टी का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे बांध के उस हिस्से के भी टूटने का खतरा मंडराने लगा है.

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