Reality Check: कहीं एक्सपायर्ड सिलेंडर, कहीं फायर पंप जाम... दिल्ली अग्निकांड के बाद जागा यूपी का फायर विभाग

दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है. प्रयागराज, झांसी, गोरखपुर, गोंडा, उन्नाव और गाजियाबाद समेत कई जिलों में होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, अस्पताल और ऊंची इमारतों की सघन जांच शुरू कर दी गई है. कई जगह खामियां मिलीं, नोटिस जारी किए गए और सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए.

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दिल्ली अग्निकांड के बाद यूपी में फायर सेफ्टी पर बड़ा अभियान. (Photo: ITG) दिल्ली अग्निकांड के बाद यूपी में फायर सेफ्टी पर बड़ा अभियान. (Photo: ITG)

पंकज श्रीवास्तव / प्रमोद कुमार गौतम / गजेंद्र त्रिपाठी / सूरज सिंह / मयंक गौड़ / भूपेन्द्र चौधरी

  • प्रयागराज/ झांसी/ गोरखपुर/ गोंडा/ उन्नाव, नोएडा और गाजियाबाद,
  • 04 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:07 PM IST

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की जान चली गई. इसके बाद 'आजतक' की टीम ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जमीनी हकीकत टटोलने के लिए एक बड़ा रियलिटी चेक अभियान चलाया. टीम ने प्रदेश के प्रयागराज, झांसी, गोरखपुर, गोंडा, उन्नाव और गाजियाबाद समेत कई प्रमुख शहरों के होटलों, रेस्टोरेंटों, मॉल्स, अस्पतालों और हाई-राइज बिल्डिंग्स में सुरक्षा पुख्ता करने वाले दावों की पड़ताल की.

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इस रियलिटी चेक के दौरान सूबे की ऊंची इमारतों और व्यावसायिक परिसरों में सुरक्षा को लेकर भारी लापरवाही और ढुलमुल रवैया सामने आया है. जांच में पाया गया कि कई बड़े परिसरों में आग बुझाने वाले फायर पंप जाम पड़े थे, तो कहीं आपातकाल में काम आने वाले अग्निशमन यंत्र अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं. इतना ही नहीं, कई संस्थानों के पास सबसे अनिवार्य दस्तावेज यानी फायर एनओसी तक उपलब्ध नहीं है

आजतक के रियलिटी चेक में सामने आई फायर सेफ्टी की अलग-अलग तस्वीर

बता दें, डीजी फायर सुजीत पांडेय के निर्देश पर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. प्रयागराज, झांसी, गोरखपुर, गोंडा, उन्नाव और गाजियाबाद समेत कई जिलों में फायर विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं. जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा से समझौता न हो.

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प्रयागराज में जाम मिला फायर पंप, होटलों में सामने आईं कई खामियां

प्रयागराज में फायर ऑफिसर राजेश कुमार चौरसिया के नेतृत्व में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं. इन टीमों ने होटलों और रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं का निरीक्षण शुरू कर दिया है. रामबाग इलाके में स्थित सुखधाम होटल एंड वेदा रेस्टोरेंट की जांच के दौरान कई खामियां सामने आईं. यहां फायर पंप जाम मिला और हौज रील में पर्याप्त प्रेशर नहीं पाया गया.

इसके अलावा कावेरी होटल में भी कई गंभीर कमियां दिखाई दीं. होटल के किचन क्षेत्र में बिजली के तार बिखरे और उलझे हुए मिले. एक फायर एक्सटिंग्विशर एक्सपायर हो चुका था. वहीं कई मंजिलों पर हौज रील उलझी हुई और अत्यधिक टाइट मिली, जिससे आपातकालीन स्थिति में उसका इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता था. कुछ स्थानों पर हौज रील के पास बिजली के तार भी पाए गए. अधिकारियों ने इन कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए.

फायर ऑफिसर राजेश कुमार चौरसिया ने बताया कि यह अभियान अगले 15 दिनों तक लगातार चलेगा. सभी होटल, रेस्टोरेंट और लॉज की जांच की जाएगी. जहां कमियां पाई जाएंगी वहां नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में सुधार के निर्देश दिए जाएंगे. इसके बाद भी कमियां मिलने पर फायर सर्विस नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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दिल्ली हादसे के बाद झांसी में बढ़ी निगरानी, सुरक्षा मानकों की पड़ताल

झांसी में भी दिल्ली और मुजफ्फरपुर की आग की घटनाओं के बाद अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है. चीफ फायर ऑफिसर आर.के. राय के नेतृत्व में होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल और स्कूलों की जांच शुरू की गई है. टीम फायर फाइटिंग सिस्टम, एंट्री और एग्जिट गेट तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रही है.

आर.के. राय ने कहा कि विभाग नियमित रूप से जांच करता है, लेकिन दिल्ली की घटना के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई है. नियमों के खिलाफ व्यवस्था मिलने पर नोटिस जारी किया जा रहा है. यदि नोटिस का जवाब नहीं मिलता है तो आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी.

गोरखपुर में होटलों की हुई मॉक ड्रिल, कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

गोरखपुर में भी फायर ब्रिगेड की टीम ने होटलों में विशेष अभियान चलाया. मुख्य अग्निशमन अधिकारी संतोष कुमार राय और अग्निशमन अधिकारी शांतनु कुमार यादव के नेतृत्व में होटलों के फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच की गई. टीम ने होटल रेडिसन ब्लू में पहुंचकर फायर अलार्म सिस्टम, स्प्रिंकलर सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच की.

निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों को इवैक्यूएशन ड्रिल कराई गई. अलार्म बजाकर आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया. कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर और स्प्रिंकलर सिस्टम के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा.

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रेडिसन ब्लू के जनरल मैनेजर अभिषेक सिंह ने बताया कि उनके यहां नियमित रूप से मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है. उन्होंने कहा कि किसी भी घटना से बचने के लिए हमेशा तैयार रहना जरूरी है और सुरक्षा मानकों का पालन लगातार किया जाना चाहिए.

गोंडा में मॉल और रेस्टोरेंट पहुंचे फायर अधिकारी, ग्राहकों को भी किया जागरूक

गोंडा में भी दिल्ली अग्निकांड के बाद अग्निशमन विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया. मुख्य अग्निशमन अधिकारी आर.एस. मिश्रा के नेतृत्व में शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और अस्पतालों की जांच की गई. अधिकारियों ने अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म, एंट्री और एग्जिट व्यवस्था का निरीक्षण किया.

जांच के दौरान ग्राहकों और आम लोगों को भी आग से बचाव के उपाय बताए गए. उन्हें समझाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित निकास मार्ग का उपयोग करना चाहिए और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए.

आर.एस. मिश्रा ने बताया कि फिलहाल जांच में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिली हैं, लेकिन जहां भी कमी मिलेगी वहां नोटिस जारी किया जाएगा. यदि निर्धारित समय के भीतर सुधार नहीं किया गया तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि विभाग नियमित रूप से मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करता है.

उन्नाव में कई होटल संचालक नहीं दिखा सके फायर NOC के दस्तावेज

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उन्नाव में भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दिया. डीजी और एसपी के निर्देश पर फायर विभाग की टीमों ने होटलों और रेस्टोरेंट में व्यापक जांच अभियान चलाया. इस दौरान फायर सिलेंडर, वाटर पाइप लाइन और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई.

निरीक्षण के दौरान कई होटल संचालक फायर एनओसी से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके. ऐसे प्रतिष्ठानों को चेतावनी दी गई और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. अधिकारियों ने जिले के दर्जन भर से अधिक होटलों का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की.

गाजियाबाद में 150 प्रतिष्ठान जांच के घेरे में, कई को जारी हुए नोटिस

गाजियाबाद में भी जिला स्तर पर बड़े पैमाने पर फायर सेफ्टी वेरिफिकेशन अभियान चलाया गया. यहां होटलों, रेस्टोरेंट और हाईराइज इमारतों समेत करीब 150 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं. विभाग ने सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जांच शुरू की है. नोएडा में भी फायर विभाग अलर्ट है, जिले में होटलों के लिए सात दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया गया है. नौ टीमें फायर सेफ्टी उपकरणों और व्यवस्थाओं की जांच कर रही हैं. कई जगह उपकरणों के रखरखाव और स्टाफ प्रशिक्षण में कमी मिली है. खामियां मिलने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है.

दिल्ली के दर्दनाक अग्निकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सार्वजनिक स्थानों पर अग्नि सुरक्षा के नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा है. उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ यह अभियान सिर्फ जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करने और संभावित हादसों को रोकने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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दिल्ली अग्निकांड के बाद यूपी में फायर सेफ्टी पर बड़ा अभियान

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा. जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उन्हें सुधार का मौका दिया जाएगा. इसके बावजूद यदि नियमों की अनदेखी जारी रही तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्रदेशभर में फायर विभाग की टीमें लगातार मैदान में हैं और होटलों, रेस्टोरेंट, अस्पतालों तथा अन्य सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रही हैं ताकि दिल्ली जैसी त्रासदी दोबारा न हो.

 

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