यूपी इस वक्त आग उगलती गर्मी की चपेट में है. सुबह होते ही सूरज ऐसा तप रहा है मानो आसमान से अंगारे बरस रहे हों. दोपहर की सड़कें सुनसान पड़ने लगी हैं, बाजारों में भीड़ कम हो गई है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. नौतपा की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में गर्मी ने अपने सबसे खतरनाक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. लेकिन इसी तपिश के बीच अब लोगों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है. मौसम विभाग ने आखिर वह तारीख बता दी है, जब इस भीषण गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है.
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक फिलहाल अगले तीन दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं. हालांकि 29 मई के बाद मौसम करवट ले सकता है और तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है. यही वजह है कि भीषण गर्मी से परेशान लोग अब 29 मई का इंतजार करने लगे हैं.
इस सोमवार से नौतपा की शुरुआत हुई है. भारतीय परंपरा में नौतपा को साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है. मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तभी नौ दिनों तक चलने वाला यह दौर शुरू होता है. इस बार नौतपा ने शुरुआत से ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. बांदा पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहा. यहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सड़कें दोपहर में तवे की तरह तपती दिखाई दीं. इसके अलावा झांसी में 46 डिग्री, उरई में 45.8 डिग्री, आगरा में 45.5 डिग्री, प्रयागराज में 45.4 डिग्री और हमीरपुर में 45.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. राजधानी लखनऊ भी गर्मी से बेहाल नजर आया. यहां अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री तक पहुंच गया.
दोपहर की सड़कें हुईं सुनसान
भीषण गर्मी का असर अब आम जिंदगी पर साफ दिखने लगा है. दोपहर 12 बजे के बाद शहरों की सड़कें खाली नजर आने लगी हैं. लोग जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं. सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क किनारे काम करने वाले लोगों को हो रही है. गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी के चलते डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ रही है.
अस्पताल हाई अलर्ट पर
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्यभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सरकार की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है कि लोग दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें. हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. मौसमी फल, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस लेने की सलाह भी दी गई है.
लखनऊ में सिग्नल पर लगाई गई हरी शेड
राजधानी लखनऊ में गर्मी से राहत देने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग प्रयोग शुरू कर दिए हैं. हजरतगंज इलाके में ट्रैफिक सिग्नलों के ऊपर हरे रंग की शेड लगाई गई है ताकि धूप में खड़े लोगों को कुछ राहत मिल सके. वहीं लखनऊ के ही 1090 चौराहे पर दिनभर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है. कई जगह फॉगिंग जैसी व्यवस्था भी की गई है ताकि सड़कों का तापमान कम किया जा सके. गोंडा में बिजली विभाग के कर्मचारी ट्रांसफार्मरों को बचाने के लिए लगातार मशक्कत कर रहे हैं. एक ट्रांसफार्मर के पास बड़ा पंखा लगाया गया है और पाइप के जरिए लगातार पानी डाला जा रहा है ताकि वह ओवरहीट होकर खराब न हो जाए. बिजली विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि हर आधे घंटे में कूलिंग करनी पड़ रही है. लगातार बढ़ती बिजली खपत ने मशीनों की परीक्षा भी बढ़ा दी है.
पूर्वी यूपी में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है. दिन के समय लू चलने और रात में भी गर्म हवाएं परेशान करने की संभावना जताई गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कई दिनों तक रात में तापमान ऊंचा रहने से शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिल पाता, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. अयोध्या में नौतपा का धार्मिक असर भी दिखाई दे रहा है. मंदिरों में भगवान को गर्मी से राहत देने के लिए विशेष पूजा और शीतल भोग लगाए जा रहे हैं. अयोध्या संत समिति के महामंत्री पवन दास शास्त्री ने बताया कि सनातन परंपरा में नौतपा का विशेष महत्व माना जाता है. उन्होंने कहा कि इस दौरान दान-पुण्य और पूजा-पाठ को विशेष फलदायी माना जाता है. वाराणसी में गर्मी से राहत पाने के लिए बच्चे गंगा नदी में तैराकी सीख रहे हैं. दरभंगा घाट पर आयोजित स्विमिंग कैंप में बड़ी संख्या में बच्चे पहुंच रहे हैं. अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों को गर्मी से राहत भी मिल रही है और वे जरूरी लाइफ स्किल भी सीख रहे हैं.
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