ढाबे-रेस्तरां के हर कर्मचारी का होगा पुलिस वेरिफिकेशन, नाम डिस्प्ले करना होगा अनिवार्य...योगी सरकार का नया फरमान

यूपी में अब खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावट करने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा. साथ ही ढाबों और रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन भी किया जाएगा. इसको लेकर सीएम योगी ने निर्देश जारी कर दिया है.

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शिल्पी सेन / समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 24 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:28 PM IST

उत्तर प्रदेश में खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावट पाए जाने पर रेस्टोरेंट व ढाबा संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश जारी कर दिया है. खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावट को लेकर मुख्यमंत्री ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक ली. इस दौरान उन्होंने कई दिशा-निर्देश दिए. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जूस, दाल और रोटी जैसी खान-पान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट मिलाना वीभत्स है. यह सब स्वीकार नहीं किया जाएगा. अब ऐसे ढाबों/रेस्टोरेंट खान-पान के प्रतिष्ठानों की सघन जांच होगी. साथ ही प्रतिष्ठानों में काम करने वाले हर कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन भी होगा.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खान-पान की चीज़ों की शुद्धता-पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में आवश्यक संशोधन के निर्देश दिए हैं. जिसके अनुसार खान-पान के केंद्रों पर संचालक, प्रोपराइटर, मैनेजर आदि का नाम और पता डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा. अब शेफ हों या वेटर सभी को मास्क और ग्लव्स लगाना होगा.

साथ ही होटल/ रेस्टोरेंट में सीसीटीवी लगाना भी अनिवार्य होगा. निर्देश के अनुसार अब अपशिष्ट आदि गंदी चीजों की मिलावट पाए जाने पर संचालक/प्रोपराइटर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. जानिए मुख्यमंत्री की तरफ से दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश....

● हाल के दिनों में देश के विभिन्न क्षेत्रों में जूस, दाल और रोटी जैसी खान-पान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट/अखाद्य/गंदी चीजों की मिलावट की घटनाएं देखने को मिली हैं. ऐसी घटनाएं वीभत्स हैं और आम आदमी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली हैं. ऐसे कुत्सित प्रयास कतई स्वीकार नहीं किया जा सकते. उत्तर प्रदेश में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस प्रबंध किए जाने आवश्यक हैं.

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● ऐसे ढाबों/रेस्टोरेंट आदि खान-पान के प्रतिष्ठानों की जांच की जानी आवश्यक है. प्रदेशव्यापी सघन अभियान चलाकर इन प्रतिष्ठानों के संचालक सहित वहां कार्यरत सभी कर्मचारियों का सत्यापन किया जाए. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, पुलिस व स्थानीय प्रशासन संयुक्त टीम द्वारा यह कार्यवाही शीघ्रता से सम्पन्न कराई जाए.

● खान-पान के प्रतिष्ठानों पर संचालक, प्रोपराइटर, मैनेजर आदि के नाम और पता प्रमुखता से डिस्प्ले किये जाने चहिये. इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में आवश्यकतानुसार संशोधन भी किया जाए.

● ढाबे/होटलों/रेस्टोरेंट आदि खान-पान के प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी की व्यवस्था हो। न केवल ग्राहकों के बैठने के स्थान पर बल्कि प्रतिष्ठान के अन्य हिस्सों को भी सीसीटीवी से कवर होना चाहिए. यह सुनिश्चित किया जाए कि हर प्रतिष्ठान संचालक सीसीटीवी की फीड को सुरक्षित रखेगा और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस/स्थानीय प्रशासन को उपलब्ध कराएगा.

● खान पान के केंद्रों पर साफ-सफाई होनी चाहिए. यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद्य पदार्थों को तैयार करने व सर्विस के समय संबंधित व्यक्ति मास्क/ग्लव्स का उपयोग जरूर करें, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.

● आम जन के स्वास्थ्य हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं किया जा सकता. ऐसा प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए. खाद्य पदार्थों को बनाने, बेचने अथवा अन्य संबंधित गतिविधियों से जुड़े नियमों को व्यवहारिकता का ध्यान रखते हुए और सख्त किया जाए. नियमों की अवहेलना पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए.
 

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