अलीगढ़ साइबर पुलिस को बड़ी सफलता, 6 राज्यों से 12 ठग गिरफ्तार... निवेश के नाम पर करते थे ठगी

अलीगढ़ साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 राज्यों से 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी देशभर में इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी का रैकेट चलाते थे. इस गिरोह में शामिल कई आरोपी विदेश में भी बैठे हैं.

Advertisement
साइबर ठगी के खिलाफ अलीगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई. (Photo: Representational ) साइबर ठगी के खिलाफ अलीगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई. (Photo: Representational )

aajtak.in

  • अलीगढ़,
  • 08 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:11 AM IST

यूपी की अलीगढ़ साइबर सेल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. टीम ने छह राज्यों से 12 लोगों की गिरफ्तारी के साथ ही एक पैन-इंडिया साइबर इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का पर्दाफाश किया है. जिसमें विदेशी लिंक भी शामिल हैं. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. SP (ग्रामीण) अमृत जैन ने शनिवार को बताया कि आरोपियों को ओडिशा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से WhatsApp ग्रुप के ज़रिए देश भर में साइबर इन्वेस्टमेंट रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

Advertisement

निवेशकों को लुभाने और धोखा देने के नाम पर की जाती थी ठगी

जैन ने बताया कि टेलीकम्युनिकेशन मंत्रालय के साथ मिलकर काम करते हुए अलीगढ़ साइबर क्राइम सेल ने लगभग 600 WhatsApp ग्रुप की पहचान की. जिनका इस्तेमाल देश भर के निवेशकों को लुभाने और धोखा देने के लिए किया जा रहा था.

यह भी पढ़ें: लालच का जाल और 1000 करोड़ की ठगी... समुद्री किनारों पर बनाए लग्जरी विला, गुरुग्राम में पकड़ा गया शातिर

पुलिस ने दावा किया कि समय पर कार्रवाई से लगभग 500 करोड़ रुपये के अनुमानित फ्रॉड को रोकने में मदद मिली. जिससे देश भर में 1.5 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हो सकते थे. अलीगढ़ SP ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब पंजाब नेशनल बैंक के रिटायर्ड डिप्टी जनरल मैनेजर दिनेश शर्मा ने 31 जनवरी को साइबर क्राइम सेल से संपर्क किया. 

Advertisement

दिनेश शर्मा ने बताया कि उन्हें WhatsApp-आधारित इन्वेस्टमेंट स्कीम के ज़रिए 11 लाख रुपये से ज़्यादा का चूना लगाया गया है. पुलिस के मुताबिक शर्मा को हर हफ़्ते 40 प्रतिशत तक रिटर्न का वादा करके लुभाया गया था. अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में हिचकिचाने के बावजूद उन्होंने पिछले साल 16 दिसंबर को ट्रायल के तौर पर 5000 रुपये इन्वेस्ट किए और उन्हें रिटर्न मिला.

इससे उनका भरोसा बढ़ गया. जिसके बाद उन्हें बड़ा इन्वेस्टमेंट करने के लिए मनाया गया और उन्हें 1 करोड़ रुपये इन्वेस्ट करने का मौका भी दिया गया. पुलिस ने बताया कि जब उन्होंने फंड की कमी का हवाला देते हुए मना कर दिया तो धोखेबाजों ने उनके 11 लाख रुपये हड़प लिए.

विदेश में बैठे मास्टरमाइंड की भी तलाश कर रही है साइबर टीम

जैन ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम सेल शर्मा के लिए 5.64 लाख रुपये रिकवर करने में कामयाब रही और इस प्रक्रिया में बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया. पुलिस ने बताया कि उन्होंने देश भर में WhatsApp ग्रुप के 500 से ज़्यादा सदस्यों से संपर्क किया और उन्हें संदिग्ध फ्रॉड के बारे में चेतावनी दी. जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान होने से बचा गया.

अधिकारियों ने बताया कि साइबर क्राइम सेल अब कई विदेशी देशों से काम कर रहे मास्टरमाइंड का पता लगाने के लिए काम कर रही है. जिसके लिए CBI और इंटरपोल से भी मदद मांगी जा रही है. आरोपियों पर BNS और IT एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »