डॉक्टरों ने किया था मृत घोषित, पत्नी के हाथ छूते ही धड़कने लगा पति का दिल

पत्नी ने पति के एक रेयर मेडिकल कंडीशन के बारे में बताया है. महिला के पति क्रिटिकल कंडीशन में हैं और हॉस्पिटल में भर्ती हैं. इससे पहले डॉक्टरों ने शख्स को मृत घोषित कर दिया था. ऑर्गन डोनेशन के लिए उनके ऑर्गन्स को निकालने का काम शुरू होने वाला था. लेकिन इससे पहले पति के पास पत्नी पहुंची और एक हैरान करने वाला वाकया हुआ.

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क्रिटिकल कंडिशन में हैं रयान मार्लो (Credit- Megan Marlow/Facebook) क्रिटिकल कंडिशन में हैं रयान मार्लो (Credit- Megan Marlow/Facebook)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:26 AM IST

एक शख्स को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था. डोनेशन के लिए उनके ऑर्गन्स निकालने का काम शुरू होने ही वाला था कि शख्स ने पैर हिलाया. फिर उनकी धड़कने बढ़ गई. इसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि वह गहरे कोमा में हैं और उनकी मौत नहीं हुई है. अब भी शख्स हॉस्पिटल में ही हैं और क्रिटिकल कंडीशन में हैं.

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मामला अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना का है. तीन बच्चों के पिता रयान मार्लो को पिछले महीने इमरजेंसी डिपार्टमेंट में भर्ती करवाया गया था. वह listeria से ग्रसित थे. बाद में रयान का दिमाग सूज गया और वह कोमा में चले गए. इसके बाद 27 अगस्त को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. नॉर्थ कैरोलिना के कानूनों के मुताबिक, अगर किसी इंसान का दिमाग काम करना बंद कर दे तो उन्हें मृत घोषित किया जा सकता है.

मामले को लेकर रयान मार्लो की पत्नी मेघन ने कहा- डॉक्टर बाहर आए और कहा ‘आपके पति की मौत हो गई है, उनकी न्यूरोलॉजिकल डेथ हुई है’. उन्होंने चार्ट पर मौत का समय भी लिख दिया था. फिर मैंने डॉक्टरों को बताया कि मेरे पति ऑर्गन डोनर हैं. उन लोगों ने ऑर्गन डोनेशन का प्रोसेस भी शुरू कर दिया था.

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महिला ने बताया कि इसके बाद वह घर चली गईं थीं. मेघन ने दावा किया कि इसके दो दिन बाद डॉक्टरों ने फोन कर उन्हें बताया कि वास्तव में रयान ट्रॉमेटिक ब्रेन डैमेज से ग्रसित थे. इसलिए डॉक्टरों ने उनकी मौत का समय 27 अगस्त से बदलकर 30 अगस्त कर दिया. मेघन ने कहा- डॉक्टरों ने बताया कि उनलोगों से एक गलती हो गई थी. रयान की मौत नहीं हुई थी. उनकी न्यूरोलॉजिकल डेथ नहीं हुई थी. मैंने डॉक्टरों से पूछा कि इसका मतलब क्या है?

मेघन ने कहा- मुझे बताया गया कि रयान वास्तव में ट्रॉमेटिक ब्रेन स्टेम इंज्यूरी से ग्रसित थे और वह बेसिकली ब्रेन डेड ही थे. अगली सुबह रयान को लाइफ सपोर्ट से हटाकर उनके ऑर्गेन्स को निकाला जाना था.

लेकिन डॉक्टरों की सर्जरी से पहले रयान के पास मेघन का भतीजा गया. वह वहां पर बच्चों के साथ खेलते रयान का वीडियो चला दिया. मेघन ने बताया- इसके बाद रयान ने पैर हिलाना शुरू कर दिया. मैं रोने लगी, मैं खुद को झूठी उम्मीद नहीं देना चाहती थी. मुझे पता था कि ब्रेन डेड के कंडीशन में ऐसा हो सकता है.

मेघन ने बताया- मैं रयान को देखने रूम में गई. मैंने उनसे वह सब कह दिया जो उनके जाने से पहले मैं कहना चाहती थी. मैं उनसे कहा कि आपको पागलो की तरह लड़ना है क्योंकि मैं ऑर्गन डोनेशन प्रोसेस को रोकने जा रही हूं और कुछ टेस्ट करवाने जा रही हूं.

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जांच के पता चला कि रयान की न्यूरोलॉजिकल डेथ नहीं हुई है और उनके दिमाग में खून फ्लो कर रहा है. मेघन ने कहा- मैंने रयान का हाथ छुआ, उससे बात की और रयान की दिल की धड़कन बढ़ गई. अब डॉक्टरों ने बताया कि वह ब्रेन डेड नहीं है, लेकिन वह गहरे कोमा में हैं.

मेघन ने आखिर में बताया- मेरे पति बहुत क्रिटिकल हैं. वह अब भी रिस्पांड नहीं कर रहे हैं. उन्होंने अब तक अपनी आंखें नहीं खोली है. बता दें कि रयान अब भी हॉस्पिटल में हैं और क्रिटिकल कंडीशन में हैं.

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