अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आखिर हैं कहां? पिछले एक हफ्ते से यही सवाल अमेरिका की राजनीति और मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. सोशल मीडिया पर भी यह सवाल उठ रहे हैं. ट्रंप न तो किसी बड़ी सार्वजनिक रैली या मीटिंग में दिखाई दिए, न प्रेस कॉन्फ्रेंस की और न ही पत्रकारों के सवालों का सामना करते नजर आए. ऐसे में उनकी सेहत और राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया.
द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों में अब सिर्फ पांच महीने बचे हैं. ये चुनाव तय करेंगे कि ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दो साल कितने आसान या मुश्किल रहने वाले हैं. लेकिन चुनावी माहौल गरम होने के बावजूद ट्रंप की सार्वजनिक मौजूदगी अचानक कम हो गई है.
व्हाइट हाउस के आधिकारिक कार्यक्रमों पर नजर डालें तो पिछले कुछ दिनों ट्रंप का अधिकांश समय 'एग्जीक्यूटिव टाइम' में बीता. इसका मतलब है कि वह व्हाइट हाउस के अंदर बैठकों और निजी कामकाज में व्यस्त रहे. इसके अलावा कुछ पॉलिसी मेकिंग से जुड़ी मीटिंग और सपोर्टर्स के साथ डिनर कार्यक्रमों का ही जिक्र देखने को मिला.
सेहत को लेकर उठ रहे सवाल
दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप 26 मई को मैरीलैंड स्थित वॉल्टर रीड मेडिकल सेंटर में स्वास्थ्य जांच के लिए भी गए थे. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उनकी जांच पूरी तरह सामान्य रही और सब कुछ परफेक्ट निकला. लेकिन जांच के बाद ही उनकी सार्वजनिक गतिविधियां और कम हो गईं और वह एकदम से गायब हो गए.
इस बीच उनकी सेहत को लेकर सवाल भी उठने लगे. हाल के महीनों में कई मौकों पर ट्रंप कैमरों के सामने थके हुए नजर आए. कुछ वीडियो में उन्हें आंखें बंद किए हुए भी देखा गया, जिसके बाद विरोधियों ने दावा किया कि वह कार्यक्रमों के दौरान झपकी लेते हैं. उनके हाथों पर दिखने वाले नीले निशान, पैरों में सूजन और गर्दन पर दिखाई देने वाले लाल चकत्तों को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं.
हालांकि, व्हाइट हाउस इन सभी दावों को खारिज करता है. प्रशासन का कहना है कि ट्रंप आज भी पहले की तरह ऊर्जावान हैं. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तो यहां तक कह दिया कि उन्होंने कभी ट्रंप को किसी बैठक में सोते हुए नहीं देखा. रुबियो के मुताबिक, ट्रंप देर रात और तड़के सुबह तक काम करते हैं और अक्सर अधिकारियों को आधी रात के बाद भी फोन कर लेते हैं.
ट्रंप की कम होती पब्लिक एपीयरेंस राजनीतिक जानकारों को भी हैरान कर रही है. उनका कहना है कि ट्रंप की सबसे बड़ी ताकत हमेशा लोगों के बीच बने रहना और मीडिया की सुर्खियों में छाए रहना रही है. ऐसे में उनका अचानक पर्दे के पीछे चले जाना कई सवाल खड़े करता है. वह लगभग एक सप्ताह से गायब है और मीडिया के सामने या सार्वजनिक तौर पर कहीं दिखाई नहीं दिए हैं.
अस्पताल जाने के बाद से ट्रंप के गायब हो जाने पर सोशल मीडिया पर काफी सारे पोस्ट किए जा रहे हैं. इनमें से कई उनके सेहत को लेकर है. वहीं लोग यह भी सवाल उठाते नजर आए कि आखिर ट्रंप अचानक से कहां चले गए हैं.
लेकिन इस पूरे रहस्य पर आखिरकार बुधवार को थोड़ा पर्दा उठ गया. पूरे एक सप्ताह तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने के बाद ट्रंप अचानक व्हाइट हाउस में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के दौरान कैमरों के सामने आए. कार्यक्रम पहले प्रेस के लिए बंद रखा गया था, लेकिन आखिरी समय में पत्रकारों को अंदर बुला लिया गया.
कैमरों के सामने आते ही ट्रंप ने अपने पुराने अंदाज में कई मुद्दों पर बातें कीं. इस तरह एक हफ्ते से चल रही उनकी गायब होने की चर्चा पर विराम तो लगा, लेकिन उनकी सेहत और चुनावी रणनीति को लेकर उठ रहे सवाल अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं.
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