दक्षिणी चीन सागर में पहुंचे अमेरिकी बॉम्बर्स, बताया ट्रेनिंग है मिशन

अधिकारी ने बताया कि चीनी सेना ने अमेरिकी विमान के मार्ग में कोई बाधा उत्पन्न नहीं की. एडमिरल फिलिप डेविडसन ने कांग्रेस को इस महीने बताया था कि चीन इन द्वीपों का इस्तेमाल दक्षिण चीन सागर पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के लिए कर रहा है.

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प्रतीकात्मक फोटो. प्रतीकात्मक फोटो.

अभि‍षेक आनंद

  • नई दिल्ली,
  • 28 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 3:38 PM IST

अमेरिकी वायुसेना के बमवर्षक विमानों (B-52 Stratofortress) ने एक प्रशिक्षण मिशन के तहत इस सप्ताह दक्षिण चीन सागर के ऊपर से उड़ान भरी है. वायु सेना के अनुसार, बमवर्षक विमान ने मंगलवार को गुआम द्वीप स्थित एंडरसन हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी, लेकिन इसका खुलासा नहीं हुआ था.  

अमेरिकी सेना के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के दो बमवर्षक विमानों ने स्प्रैटली द्वीप समूह पर उड़ान भरी. इस द्वीप समूह पर चीन अपना दावा करता है. चीन ने स्प्रैटली की भोगौलिक विशेषताओं का इस्तेमाल कृत्रिम द्वीप समूह बनाने में किया है. इनमें से कुछ को बीजिंग ने सैन्य सुविधाओं से लैस किया है.

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अधिकारी ने बताया कि चीनी सेना ने अमेरिकी विमान के मार्ग में कोई बाधा उत्पन्न नहीं की. एडमिरल फिलिप डेविडसन ने कांग्रेस को इस महीने बताया था कि चीन इन द्वीपों का इस्तेमाल दक्षिण चीन सागर पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के लिए कर रहा है.

उन्होंने कहा था, "चीन काफी समय से दक्षिण चीन सागर पर अपनी दावेदारी पेश कर रहा है. मेरा मानना है कि वह वहां अपना सैन्य ठिकाना स्थापित करना चाहता है, जिससे उन्हें दुनिया के उस क्षेत्र के माध्यम से वायु और समुद्री मार्गो पर नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी."

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