विदेश जाकर कई भारतीयों को अपने देश की सुविधाओं की असली कीमत समझ आती है. अब इसी बात को लेकर UK में रह रही भारतीय महिला विधि का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. विधि ने भारत और ब्रिटेन की रोजमर्रा की जिंदगी की तुलना करते हुए कहा कि भारत में जो चीजें बिल्कुल सामान्य लगती हैं, वही UK में प्रीमियम और लग्जरी जैसी महसूस होती हैं.
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से बताया कि UK में रहने के दौरान उन्हें कब-कब भारत की सुविधाएं याद आती हैं और किन चीजों ने उन्हें एहसास कराया कि भारत में जो आम है, वह विदेश में लग्जरी मानी जाती है.
डोरस्टेप डिलीवरी का फर्क
विधि ने सबसे पहले डोरस्टेप डिलीवरी का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि भारत में ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी सेवाओं के जरिए 10 मिनट में ग्रॉसरी का सामान घर पहुंच जाता है, जबकि UK में ऐसी सुविधा बहुत कम देखने को मिलती है. उनके मुताबिक भारत में खाना, ग्रॉसरी, दवाइयां, किराना या रिटर्न पार्सल जैसी लगभग हर चीज 10-30 मिनट में घर तक पहुंच जाती है, लेकिन UK में अक्सर लोगों को खुद जाकर सामान लेना पड़ता है, वरना ज्यादा चार्ज देना पड़ता है या लंबा इंतजार करना पड़ता है.
घरेलू मदद: भारत में आम, विदेश में लग्जरी
उन्होंने कहा कि भारत में मध्यमवर्गीय परिवारों में मेड, कुक और क्लीनर जैसी सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं. वहीं UK में घरेलू मदद रखना इतना महंगा है कि इसे अमीरों की लग्जरी माना जाता है.
रिपेयर कल्चर का जादू
विधि ने भारत की रिपेयर कल्चर की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत में मोबाइल, फ्रिज, पंखा या कोई भी सामान खराब हो जाए तो आसपास की दुकान पर कम खर्च में ठीक हो जाता है. जबकि UK में रिपेयर काफी महंगा और मुश्किल होता है, इसलिए लोग अक्सर खराब सामान फेंककर नया खरीद लेते हैं.
जुगाड़ और तुरंत काम होने की सुविधा
उन्होंने बताया कि भारत में अचानक कोई काम निकल आए तो भी जुगाड़ लग जाता है, लेकिन UK में ज्यादातर काम पहले से प्लानिंग और अपॉइंटमेंट के बिना नहीं हो पाते.
कस्टमर सर्विस में बड़ा अंतर
विधि के अनुसार भारत में दुकानदार और कंपनियां ग्राहकों के लिए कई बार “मैनुअल एडजस्टमेंट” कर देती हैं, जबकि UK में सख्त नियम और पॉलिसी लागू होती हैं और छोटी-छोटी बातों में भी छूट मिलना मुश्किल होता है.
खाना-पीना भी महंगा और सीमित
उन्होंने कहा कि भारत में स्विगी और जोमैटो जैसी सेवाएं देर रात तक कम कीमत में ढेर सारे विकल्प देती हैं. वहीं UK में दुकानें जल्दी बंद हो जाती हैं, विकल्प कम होते हैं और खर्च ज्यादा आता है.
वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी खूब प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा कि विदेश जाकर एहसास हुआ कि भारत में लोग कितनी सुविधाओं के बीच रहते हैं. वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि भारत की रिपेयर कल्चर को लोग कम आंकते हैं, जबकि यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है.विधि लिल्हा का यह अनुभव उन लाखों भारतीयों की कहानी जैसा है, जो विदेश में रहकर भारत की इन “अदृश्य सुविधाओं” को मिस करते हैं.
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