'यहां बॉस नहीं, परिवार पहले आता है!' भारतीय महिला ने बताया न्यूजीलैंड का वर्क कल्चर

न्यूज़ीलैंड में रहने वाली एक भारतीय महिला ने कहा कि वहां की वर्क कल्चर ने उन्हें असली वर्क-लाइफ बैलेंस का मतलब समझाया.

Advertisement
वीडियो में ज्योति ने यह भी बताया कि वहां टीमवर्क का तरीका अलग है (Photo:Pexel) वीडियो में ज्योति ने यह भी बताया कि वहां टीमवर्क का तरीका अलग है (Photo:Pexel)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:57 AM IST

न्यूजीलैंड में रहने वाली एक भारतीय महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में महिला ने वहां की वर्क कल्चर के बारे में बात करते हुए बताया कि न्यूजीलैंड में जॉब करने के बाद असली 'वर्क-लाइफ बैलेंस' समझ आता है. 


उनके मुताबिक वहां काम से ज्यादा परिवार को प्राथमिकता दी जाती है.इंस्टाग्राम पर ज्योति सहरावत नाम की महिला ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने न्यूजीलैंड की ऑफिस कल्चर को लेकर अपना अनुभव शेयर किया. वीडियो में वह कहती हैं कि क्या आप जानते हैं न्यूजीलैंड की सबसे अच्छी बात क्या है? अगर यहां आपके पास नौकरी है, चाहे फुल टाइम हो या पार्ट टाइम, तो यहां काम शुरू करने के बाद आपको असली वर्क-लाइफ बैलेंस समझ आता है. क्योंकि यहां काम पहले नहीं, परिवार पहले आता है.

Advertisement

ज्योति ने आगे बताया कि वहां कर्मचारियों पर तय समय से ज्यादा काम करने का दबाव नहीं बनाया जाता. अगर किसी डेडलाइन को पूरा करने में दिक्कत हो रही हो तो कर्मचारियों से विनम्र तरीके से पूछा जाता है कि उन्हें एक्सटेंशन चाहिए या मदद.

उन्होंने कहा कि अगर आप ऑफिस टाइम के बाद काम कर रहे हैं, तो आपको जबरदस्ती डेडलाइन पूरी करने के लिए नहीं कहा जाता. यहां लोग पूछते हैं कि क्या आप यह काम कर सकते हैं या आपको थोड़ा और समय चाहिए.

देखें वीडियो

वीडियो में ज्योति ने यह भी बताया कि वहां टीमवर्क का तरीका अलग है. उनके मुताबिक वहां लोग यह नहीं कहते कि ये तुम्हारा काम है, खुद संभालो’, बल्कि कहा जाता है, ‘अगर मदद चाहिए तो बताइए. उन्होंने कहा कि यहां हम टीम में काम नहीं करते, बल्कि टीम के साथ काम करते हैं.

Advertisement

वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन लिखा न्यूजीलैंड की सबसे बेहतरीन चीज.सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कई यूजर्स ने न्यूजीलैंड की वर्क कल्चर की तारीफ की. एक यूजर ने लिखा कि यही एक हेल्दी वर्कप्लेस की पहचान है. दूसरे ने कहा कि वर्क-लाइफ बैलेंस ही असली लग्जरी है.

कई लोगों ने यह भी कहा कि ऐसी ऑफिस कल्चर कर्मचारियों को तनाव और बर्नआउट से बचाने में मदद करती है. वहीं कुछ यूजर्स का मानना था कि कर्मचारियों को सम्मान देने से उनकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement