इंसानी जिंदगी में ह्यूमेनॉइड रोबोट का दखल तेजी से बढ़ रहा है. अब ये सिर्फ मशीनें नहीं रह गईं, बल्कि ऐसे काम भी करने लगी हैं जो पहले इंसान ही किया करते थे. यानी ह्यूमेनॉइड रोबोट अब डिलीवरी भी कर रहे हैं, वेटर का काम भी संभाल रहे हैं, कुंग फू दिखा रहे हैं और डांस भी कर रहे हैं.
लेकिन मामला सिर्फ इतना ही नहीं है. कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जहां ह्यूमेनॉइड रोबोट ऐसी हरकतें कर बैठते हैं जो खबरों में चर्चा का विषय बन जाती हैं. ये व्यवहार कई बार इंसानों जैसा लगता है.
हाल ही में कुछ ऐसा ही मामला हुआ. चीन के शानक्सी प्रांत में एक यूनिवर्सिटी के डांस इवेंट के दौरान ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया. कार्यक्रम में प्रदर्शन कर रहा एक ह्यूमेनॉइड रोबोट अचानक एक छात्रा के पास पहुंच गया और उसे कसकर गले लगा लिया. यह पूरी तरह अनियोजित था, क्योंकि रोबोट को सिर्फ डांस परफॉर्मेंस के लिए प्रोग्राम किया गया था. स्टाफ ने तुरंत दखल देते हुए रोबोट को छात्रा से अलग किया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
इस वीडियो के सामने आते ही चीनी सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. लोग सवाल उठाने लगे कि क्या रोबोट ने खुद से यह व्यवहार किया या फिर यह किसी तकनीकी गड़बड़ी या ऑपरेटर के कंट्रोल में समस्या का नतीजा था. कुछ यूजर्स ने इसे 'ऑटोनॉमस बिहेवियर' का संकेत माना, जबकि विशेषज्ञों ने इसे सॉफ्टवेयर या कंट्रोल सिस्टम की गड़बड़ी बताया.
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी ने बताया कि यह रोबोट और स्टूडेंट क्लब के बीच आयोजित संयुक्त सांस्कृतिक गतिविधि का हिस्सा था, जिसमें कुछ नया और अलग करने की कोशिश की जा रही थी.
जब रोबोट ने बुजुर्ग महिला को देखकर खोया नियंत्रण
यह पहली बार नहीं है जब ह्यूमेनॉइड रोबोट के अनियंत्रित व्यवहार की खबर सामने आई हो. मार्च 2026 में मकाऊ में एक 70 वर्षीय महिला के साथ भी ऐसी ही घटना हुई थी. सड़क पर खड़ी महिला के पीछे अचानक एक ह्यूमेनॉइड रोबोट आ गया, जिससे वह घबरा गई. रोबोट के हाथ हिलाने से महिला और डर गई और उसे अस्पताल तक जाना पड़ा, हालांकि कोई शारीरिक संपर्क नहीं हुआ. बाद में पुलिस ने रोबोट को हटाया और उसके ऑपरेटर की पहचान की.
इसके अलावा, शानक्सी में ही एक अन्य कार्यक्रम के दौरान एक रोबोट ने डांस करते समय गलती से एक बच्चे को हाथ लगने से चोट पहुंचा दी थी. इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि पब्लिक स्पेस में रोबोट्स के इस्तेमाल के दौरान अभी भी कई तकनीकी चुनौतियां मौजूद हैं.
ऐसी घटनाओं पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं सॉफ्टवेयर ग्लिच, सेंसर एरर या रिमोट कंट्रोल में गड़बड़ी के कारण हो सकती हैं. हालांकि इनमें कोई गंभीर चोट नहीं हुई, लेकिन इन मामलों ने ह्यूमन-रोबोट इंटरैक्शन की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
तेजी से विकसित हो रही इस तकनीक के बीच यह साफ है कि ह्यूमेनॉइड रोबोट्स को आम लोगों के बीच इस्तेमाल करने से पहले मजबूत सेफ्टी प्रोटोकॉल और बेहतर कंट्रोल सिस्टम की जरूरत है. वरना तकनीक का यह भविष्य कभी-कभी डर का कारण भी बन सकता है.
aajtak.in