आए दिन ट्रेन में टीटीई और रेल यात्रियों की तू-तू मैं-मैं की घटनाएं इंटरनेट पर वायरल होती रहती हैं. कभी कोई यात्री बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो टीटी या टीसी से बहस करने लगता है, तो कभी कोई रेलवे कर्मचारी गलती करता पकड़ा जाता है. ऐसे तमाम वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं. इनमें से कुछ वीडियो में तो रेलकर्मी वीडियो रिकॉर्ड करने वालों को कानून का धौंस दिखाते भी नजर आए हैं कि सरकारी कर्मचारी या का टीटीई वीडियो बनाना कानूनी जुर्म है. (Photo - X/@JtrahulSaini)
एक ऐसा ही वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. जिसमें एक टीटीई कुछ ऐसा ही दावा करते नजर आ रहे हैं. हालांकि, वीडियो पुराना है, लेकिन एक बार फिर से लोग इसे शेयर कर रहे हैं और ये सवाल उठा रहे हैं कि क्या सच में ट्रेन में टीटीई या टीसी की वीडियो बनाना गलत है? (Photo - PTI)
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो दिन पहले @JtrahulSaini नाम के हैंडल से ये वीडियो शेयर किया गया है. इसमें ब्लू स्वेटर पहना एक शख्स हाथ में रसीद लिए रेलयात्रियों की टिकट बनाता दिखाई दे रहा है. वह शख्स ऊपर वाले बर्थ पर बैठे यात्री के मोबाइल को देखते ही पूछता है - वीडियो बना रहा है, अब मैं टिकट बनाऊंगा ही नहीं. (Photo - X/@JtrahulSaini)
वीडियो में आगे दिखाया गया है कि हाथ में रसीद लिए लोगों का टिकट बना रहा शख्स एकदम से भड़क जाता है और रिकॉर्डिंग कर रहे शख्स से उसका मोबाइल मांगने लग जाता है. जब यात्री अपना मोबाइल नहीं देता है और उसका वीडियो बनाता रहता है, तब वह भड़क जाता है और कहता है कि ऑन ड्यूटी टीटीई की वीडियो बनाना सात साल की सजा और सात हजार रुपये जुर्माना है. इसके बाद वह टिकट बनाने का काम बंदकर लोगों को उसके पैसे लौटाने लग जाता है. (Photo - Pexels)
वीडियो में तथाकथित टीटीई के साथ ब्लू जैकेट पहने एक और महिला है जो शायद उस टीटीई की साथी हैं और वह भी खुद को टीटीई होने का दावा कर रही हैं और यात्री से बोलती है कि वीडियो बनाना आपका हक है तो फिर आ जाओ आप. अब हम आपको दिखाते हैं कि आपका क्या हक है. इसके बाद दोनों वीडियो रिकॉर्ड कर रहे शख्स को धमकी देते हुए वहां से चले जाते हैं. (Photo - X/@JtrahulSaini)
ट्रेन में टीटीई की रिकॉर्डिंग करने पर जुर्माना या सजा जैसा कोई भी प्रावधान नहीं है. भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी अधिकारियों की वीडियो रिकॉर्डिंग करने या नहीं करने से जुड़ा ऐसा कोई विशिष्ट कानून नहीं है जो लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों की रिकॉर्डिंग करने से रोकता हो. (Photo - Pexels)
भारतीय रेलवे के नियमों में, या भारतीय न्याय संहिता या IT Act या Railways Act में भी कहीं भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि ट्रेन में TTE या किसी रेलवे कर्मचारी की वीडियो रिकॉर्ड करने पर 7 साल की जेल हो सकती है. किसी अधिकारी की ड्यूटी के दौरान रिकॉर्डिंग करना कानूनी रूप से जायज है. (Photo - PTI)
संविधान में तो सार्वजनिक जगहों पर सरकारी कर्मचारियों या अधिकारियों का उनके कर्तव्यों का पालन करते हुए वीडियो रिकॉर्ड करने का अधिकार नागरिकों को अनुच्छेद 19(1)(क) के तहत दिया गया है, जो लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में निहित है. (Photo - PTI)