Advertisement

ट्रेंडिंग

ट्रंप की हत्या के लिए ईरान ने बनाई थी 'Kill Team'... इतने में हुई थी डील

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:41 PM IST
  • 1/9

अब जब  मिडिल ईस्ट जंग की आग में जल रहा है और यूएस-इजरायल ईरान पर ताबड़तोड़ हमला कर रहे हैं. तब अमेरिका और इजरायल ऐसे खुलासे कर रहे हैं, जिसके बारे में अब तक लोगों को पता नहीं था. एक इजरायली एक्सपर्ट ने दावा किया है कि ईरान की खामेनेई शासन ने ट्रंप की हत्या के लिए एक 'Kill Team' बनाई थी. (Photo - AP)
 

  • 2/9

न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी शासन ने पिछले कम से कम पांच वर्षों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हत्या करने के लिए कई 'Kill Team' बनाया था.  हाल ही में ध्वस्त हुए कट्टरपंथी इस्लामी शासन ने ट्रंप के खिलाफ कई फतवे जारी किए हैं. ये फतवे उन्हें मारने के लिए उकसाते हैं  और अमेरिका स्थित हत्यारों के माध्यम से उनकी मौत की साजिश रचने की कोशिश की है.आतंकवाद विशेषज्ञ और इजरायल रक्षा बल के सेवानिवृत्त कर्नल यिगल कार्मोन ने द पोस्ट को बताया कि वे माफिया की तरह  हत्यारे हैं. उनके पास उन लोगों की सूची है जिन्हें वे मारना चाहते हैं और उन्होंने अपने कई जासूसों को उनकी हत्या की योजना बनाने के लिए भेजा है. (Photo - AP)
 

  • 3/9

2024 की दो साजिशों को नाकाम कर दिया गया, लेकिन इनसे इस बात की चौंकाने वाली जानकारी मिलती है कि अमेरिकी आर्म्ड फोर्स ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू करने और अयातुल्ला खामेनेई और उनके साथियों को मार गिराने से पहले शासन किस हद तक जाने को तैयार था. एक मामले में, ईरानी सरकार ने एक जासूस को 'हत्यारों की टीम'(Kill Team) बनाने और ट्रंप के चुनाव प्रचार के दौरान उनकी हत्या की साजिश रचने का आदेश दिया था. उसने अमेरिका में रहने वाले दो हत्यारों को भर्ती किया, जो बाद में पकड़े गए. (Photo - AP)
 

Advertisement
  • 4/9

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, जासूस फरहाद शेकेरी ने कहा कि उसे उसके ईरानी आकाओं द्वारा 7 अक्टूबर, 2024 को ट्रंप की हत्या की योजना बनाने का निर्देश दिया गया था. हत्यारों के मुकदमे से संबंधित दस्तावेजों के अनुसार, शाकेरी ने ईरानी रिवोल्यूशमरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के एक अधिकारी को बताया कि इसमें बहुत बड़ी रकम खर्च होगी. जवाब में, आईआरजीसी अधिकारी ने कहा कि हम पहले ही बहुत पैसा खर्च कर चुके हैं. इसलिए पैसे की कोई समस्या नहीं है. (Photo - AP)
 

  • 5/9

दस्तावेजों में बताया गया है कि शेकेरी का मतलब यह था कि आईआरजीसी ने पहले ट्रंप की हत्या के प्रयासों पर काफी बड़ी रकम खर्च की थी और ट्रंप की हत्या को अंजाम देने के अपने प्रयास में बहुत सारा पैसा खर्च करने को तैयार था. उन्हें यह भी बताया गया था कि साजिश को अंजाम देने के लिए उनके पास केवल सात दिन हैं. एफबीआई के साथ अपने इंटरव्यू के अनुसार, उसने बताया था कि यदि वह इसे अंजाम नहीं दे सका तो उसके आईआरजीसी हैंडलर ने  2024 के चुनाव के बाद तक योजना को रोक देने का निर्देश दिया था, क्योंकि उन्होंने आकलन किया था कि ट्रम्प चुनाव हार जाएंगे और उसके बाद उनकी हत्या करना आसान हो जाएगा. (Photo - AP)
 

  • 6/9

शेकेरी का जन्म अफगानिस्तान में हुआ था, लेकिन उसे बचपन में ही अमेरिका ले जाया गया था और विभिन्न अपराधों के लिए 14 साल जेल में बिताने के बाद उसे निर्वासित कर दिया गया था. जेल में रहने के दौरान ही उसने कई आपराधिक किस्म के लोगों से संबंध बनाए, जिनकी बदौलत वह अंततः ईरानी शासन के लिए हत्यारों की भर्ती कर सका. शकेरी ने पहले ही दो हत्यारों को काम पर रख लिया था. इनमें एक उसका पुराना जेल का साथी कार्लिस्ले "पॉप" रिवेरा और दूसरा जोनाथन लोडहोल्ट नाम का एक व्यक्ति  था. दोनों न्यूयॉर्क के रहने वाले थे. उन्हें शुरू में एक ईरान शासन विरोधी कार्यकर्ता की हत्या के लिए 100,000 डॉलर का वादा किया गया था. हालांकि, वे अपनी योजना को अंजाम देने से पहले ही पकड़े गए. (Photo - AP)
 

Advertisement
  • 7/9

दोनों व्यक्तियों को सुपारी लेकर हत्या करने का दोषी पाया गया, जिसमें रिवेरा को जनवरी में 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई. वहीं लोडहोल्ट को अगले महीने सजा सुनाई जानी है. शेकेरी पर एफबीआई ने हत्या के लिए सुपारी देने का आरोप लगाया है. हालांकि, इस सप्ताह अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने कहा कि उन्होंने ट्रंप के खिलाफ हत्या के प्रयासों के पीछे तेहरान स्थित "मास्टरमाइंड" को मार गिराया है.रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने तेहरान पर हुए घातक हमलों के बाद हुई मौत की घोषणा की , जिसके बारे में अब व्यापक रूप से माना जा रहा है कि वह शेकेरी का बॉस रहमान मोकदम था, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की विशेष बल इकाई का नेता था. उस पर ट्रंप की हत्या का आरोप था. (Photo - AP)
 

  • 8/9

अभी हाल ही में जनवरी में, अमेरिका और इजरायल द्वारा देश पर हमले से एक महीने पहले, ईरान ने ट्रंप के खिलाफ धमकी जारी की थी, जिसमें 2024 में बटलर रैली में हत्या के प्रयास के दौरान ट्रंप की एक तस्वीर जारी की गई थी. इसके साथ लिखा था - इस बार निशाना नहीं चूकेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी जांचकर्ताओं ने ट्रंप को उस हत्या के प्रयास के महीनों बाद बताया था कि इसमें ईरान की भूमिका से इनकार नहीं कर सकते और उन्होंने तब यह भी कहा था कि कई "kill Team" उनकी मौत की साजिश रच रहे थे. ईरान ने ट्रंप को तब से निशाने पर रखा हुआ है जब 2020 में अमेरिकी सेना ने ट्रंप के आदेश पर बगदाद में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था. (Photo - AP)
 

  • 9/9

इजरायल सेना के रिटायर्ड अफसर कार्मोन ने बताया कि ईरानी केवल अपने ही नागरिकों के साथ मिलकर दुश्मनों पर हमले की योजना बनाते हैं और समन्वय करते हैं. उन्होंने कहा कि वे यह काम ईरानियों के साथ करते हैं, अमेरिकियों के साथ नहीं.  लेकिन वास्तव में इन हमलों को अंजाम कोई भी भाड़े का हत्यारा दे सकता है.ट्रंप के खिलाफ दूसरी ज्ञात साजिश एक पाकिस्तानी नागरिक द्वारा रची गई थी, जिसे बताया गया था कि अगर हत्या सफल होती है तो उसे 1 मिलियन डॉलर तक मिलेंगे. संघीय अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, आसिफ मर्चेंट नाम का पाकिस्तानी शख्स हत्यारों की भर्ती करने के लिए अमेरिका आया था और उसने खुद को एक पाकिस्तानी कपड़ों के व्यापारी के रूप में पेश किया था. आसिफ भी ईरान के Kill Team का हिस्सा था. (Photo - AP)
 

Advertisement
Advertisement

लेटेस्ट फोटो

Advertisement