राजस्थान के जयपुर में हुई पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला सामने आया है. यहां एक गैंग नकल का पूरा कारोबार चलाती थी. शुरूआती जांच में यह पता लगा है कि गिरोह के सदस्य अभ्यर्थी के कम्प्यूटर को रिमोट के जरिये एक्सेस कर पेपर हल करते थे.
एसओजी आईजी दिनेश एमएन के मुताबिक, आरोपियों ने सेंटर के पास ही एक अन्य बिल्डिंग को किराए पर लेकर वहां सरस्वती इन्फोटेक नाम का सेंटर बनाया था. यहीं से ऑनलाइन पेपर हल कर सबमिट किया जा रहा था. गिरोह ने कुल 13 अभ्यर्थियों को इसी तरह नकल कराने की बात कबूली है.
पुलिस ने आरोपी विकास मलिक, अमोल महाजन, अभिमन्यु सिंह, संजय छिकारा, अंकित सहरावत, अमित जाट को अरेस्ट किया है. जबकि दो पार्टनर कपिल और मुख्तयार फरार हैं.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सबसे पहले अभ्यर्थी से नकल का सौदा करते थे. फिर परीक्षा से ठीक पहले उसके कम्प्यूटर पर पैन ड्राइव से सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर देते थे.
इसके बाद परीक्षा वाले कम्प्यूटर में सॉफ्टवेयर डालने के बाद आरोपी फोन पर अभ्यर्थी के कम्प्यूटर का आईपी एड्रेस नकल के कंट्रोल रूम में बैठे अपने साथियों को बता देता था.
कंट्रोल रूम में बैठे बदमाश अभ्यर्थी का कम्प्यूटर रिमोट एक्सेस पर ले लेते. जिससे उसका कम्प्यूटर दूर बैठे गिरोह के सदस्य चला सकते थे.
अभ्यर्थी को सिर्फ परीक्षा देने का दिखावा करना होता कम्प्यूटर एक्सेस लेने के बाद कंट्रोल रूम से ही पूरा पेपर हल होता और वहीं से सबमिट हो जाता.