निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को शुक्रवार सुबह तिहाड़ जेल में फांसी के फंदे पर लटकाया गया. 2012 में राजधानी दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप कांड में करीब सवा सात साल के बाद इंसाफ हुआ है. तिहाड़ जेल के फांसी घर में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे निर्भया के चारों दोषियों को फांसी दी गई. आइए जानते हैं कि तिहाड़ जेल में फांसी के समय क्या और कैसे हुआ.
फांसी से पहले चारों दोषियों में से सिर्फ मुकेश और विनय ने ही रात का
खाना खाया, लेकिन पवन और अक्षय ने खाना नहीं खाया. दोषियों के वकील एपी
सिंह ने आरोप भले ही लगाया कि दोषियों को परिवार से नहीं मिलने दिया जा रहा
है, लेकिन दोषी मुकेश के परिवार ने फांसी से कुछ देर पहले आखिरी मुलाकात
की.
सभी दोषियों ने बेचैनी में आखिरी रात गुजारी. पूरी रात सभी
दोषी सो नहीं पाए. दोषियों से नाश्ते के लिए भी पूछा गया, लेकिन उन्होंने
मना कर दिया. चारों को तिहाड़ की जेल नंबर 3 में रखा गया. इनमें एक वार्ड
नंबर 1 में, दूसरा वार्ड नंबर 7 की सेल में और बाकी दो को नंबर 8 सेल में
रखा गया था. इन सेल के रास्ते सीधे फांसी वाली जगह तक जुड़ते हैं.
रात
भर चारों दोषियों पर इस बारीकी से नजर रखी गई, अलग से एक 15 लोगों की टीम
तैनात की गई. उधर फांसी देने वाला पवन जल्लाद पहले से ही जेल में मौजूद था.
करीब 4 बजे फांसी देने की तैयारियां शुरू कर दी गईं. दोषियों को
अलग-अलग डेथ सेल में रखा गया था. सबसे पहले जेल अधिकारी दोषियों के पास
पहुंचे. दोषियों से नहाने और प्रार्थना के लिए बोला गया, लेकिन उन्होंने
इनकार कर दिया.
सुबह 5 बजे दोषियों को काला कपड़ा पहनाया गया. तिहाड़ जेल में पूरी तरह लॉकडाउन किया गया था. जेल के बाहर अर्धसैनिक बल भारी संख्या में तैनात किए गए थे. डीजी तिहाड़ जेल भी मौके पर पहुंचे.
इसके बाद जेल अधिकारियों ने फांसी घर का जायजा लिया है. तिहाड़ में पहली
बार चारों दोषियों को एक साथ फांसी देने की तैयारी की गई थी. फांसी के लिए
करीब 10 फीट का तख्ता पहले से तैयार था.
जेल सुप्रीटेंडेंट, डिप्टी सुप्रीटेंडेंट और डॉक्टर भी तिहाड़ जेल में मौजूद थे. इसके बाद चारों
दोषियों को फांसी घर ले जाया गया. सभी आरोपियों के मुंह पर कपड़ा बांधने के अलावा उनके हाथ-पैर बांध दिए गए.
5.30 बजे गले में डाला गया फांसी का फंदा:
चारों
के गले में फांसी का फंदा डालने के बाद लीवर खींच दिया गया. 7 साल बाद निर्भया को
न्याय मिल गया.
30 मिनट तक लटकता रहा शव:
चारों का शव करीब 30
मिनट से तक तख्ते पर लटकते रहे. 6 बजे इनकी बॉडी की जांच की गई. मेडिकल
अफसर ने चारों दोषियों पवन, अभय, मुकेश और विनय को मृत घोषित कर दिया.
तिहाड़
जेल प्रशासन का कहना है कि दोषियों की ओर से जेल में कमाए गए पैसों को उनके
परिवारवालों को दिए जाएंगे. इसके अलावा उनके कपड़े और सभी सामान भी
परिवारवालों को दिए जाएंगे.