इजरायल अपने देश के लोगों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना से वैक्सीन लेने की तैयारी में है. इजरायली सरकार की कंपनी के साथ अंतिम स्तर की बातचीत चल रही है. यह जानकारी इजरायल के मीडिया संस्थान वाईएनईटी ने दी है. (फोटोः रॉयटर्स)
इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में बात करने से मना कर दिया है लेकिन वाईएनईटी मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से लिया है. उधर, मॉडर्ना ने इस बात की पुष्टि की है कि वह जुलाई में 30 हजार लोगों के ऊपर अपनी नई वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल करेगा. (फोटोः रॉयटर्स)
अमेरिका के मैसाच्युसेट्स में स्थित बायोटेक्नोलॉजी कंपनी मॉडर्ना थेराप्यूटिक्स ऐसी वैक्सीन बना रही है जो इंसानों की इम्यूनिटी यानी प्रतिरोधक क्षमता को कोरोना से लड़ने के लिए प्रशिक्षित करेगी. (फोटोः रॉयटर्स)
यह वैक्सीन कोरोना वायरस को शरीर में फैलने से रोकेगी. इसके लिए मॉडर्ना ने कमजोर और लगभग निष्क्रिय वायरस को इंसान के शरीर में डालने की तैयारी की है, ताकि शरीर इसके प्रति इम्यूनिटी विकसित कर ले. (फोटोः रॉयटर्स)
मॉडर्ना ने इसके लिए कोरोना वायरस का उपयोग नहीं किया है. इसके लिए वैज्ञानिकों ने कोरोना का जेनेटिक कोड तैयार किया है. इसका एक छोटा सा हिस्सा शरीर में सुई से डाला जाएगा. जिसके बाद वह कोरोना वायरस से लड़ेगा.(फोटोः रॉयटर्स)
आपको बता दें कि दुनिया भर में कोरोना वायरस कोविड-19 की वैक्सीन के लिए वैज्ञानिकों की करीब 90 टीम काम कर रही हैं. सभी अलग-अलग स्तर पर पहुंच चुकी हैं. लेकिन इनमें से सिर्फ 6 ऐसी हैं जो अपने लक्ष्य के करीब हैं. जिसे ह्यूमन ट्रायल यानी इंसानों पर परीक्षण कहते हैं. इनमें से एक मॉडर्ना की वैक्सीन भी है. (फोटोः रॉयटर्स)
कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया खस्ताहाल है. लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत है पुख्ता इलाज की. दुनिया भर में कोरोना वायरस को नष्ट करने के लिए कई प्रकार के प्रयोग चल रहे हैं. वैक्सीन को लेकर, दवाओं को लेकर और इम्यूनिटी को लेकर. लेकिन अभी तक कोई ये नहीं बता पाया कि वैक्सीन कब तक बनकर तैयार होगी. वो कौन सी वैक्सीन होगी, जिससे लोगों का इलाज होगा. जो पूरी दुनिया को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाएगी. (फोटोः रॉयटर्स)