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रात में टैंक से कुचले थे हजारों लोग, आज भी ये नरसंहार छिपाता है चीन

आदित्य बिड़वई
  • 04 जून 2019,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST
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चीन की राजधानी बीजिंग में आज तियानमेन चौक पर जबरदस्त सुरक्षा पहरा है. इसके पीछे वजह है 30 साल पहले हुआ वो नरसंहार जिसे देख पूरी दुनिया सिहर उठी थी. आज से ठीक 30 साल पहले 04 जून, 1989 को तियानमेन चौक पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों ने प्रदर्शन कर रहे अपने ही देश के हजारों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. फोटो- REUTERS

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दरअसल, कम्युनिस्ट पार्टी के उदारवादी नेता हू याओबैंग की हत्‍या के विरोध में 04 जून, 1989 को चीन में हजारों लोग बीजिंग के तियानमेन चौक पर प्रदर्शन के लिए उतर आए थे. फोटो- REUTERS

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बताया जाता है कि तीन और चार जून की दरमियान सैकड़ों लोग अपने नेता हू याओबैंग की हत्‍या के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक सुधार की मांग कर रहे थे. फोटो- REUTERS

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लेकिन चीन की कम्‍यूनिस्ट सरकार ने उन पर कहर बरपाया. उस रात चीनी सेना ने निर्दोष लोगों पर फायरिंग की और सड़कों पर बैठे लोगों पर टैंक चढ़ा दिए. (फोटो- REUTERS/Bobby Yip)

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों ने सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. एक ब्रिटिश खुफिया राजनयिक दस्तावेज में तो यह तक कहा गया कि इस नरसंहार में 10 हजार लोगों की मौत हुई थी. फोटो- REUTERS

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एक रात में हजारों की तादाद में लोगों के मारे जाने की खबर सामने आने के बाद पूरी दुनिया चीन के इस कदम से सिहर उठी थी. कुछ जानकर बताते हैं कि चीन ने इस घटना को छिपाने के लिए कई फॉरेन मीडिया को भी बैन कर दिया था.फोटो- REUTERS

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सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, तियानानमेन नरसंहार की याद में चीन में कहीं भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाता है. इसके बावजूद मृतकों के परिजन तियानानमेन चौक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने आते हैं. फोटो- REUTERS

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बताया जाता है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों द्वारा किए गए इस नरसंहार को छिपाने के लिए चीन ने कोई कसर नहीं छोड़ी. इस घटना को चीन में इतिहास की किताबों से तक हटा दिया गया है. हालांकि, हांगकांग में इस घटना के विरोध में स्टैच्यू ऑफ़ शेम बनाया गया है. फोटो- REUTERS

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यहां तक कि तियानमेन चौक नरसंहार पर चीन में चर्चा करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. चीन 1989 में हुए नरसंहार और सैन्‍य कार्रवाई को सही ठहराता है. चीन के रक्षा मंत्री भी साल 1989 में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को तत्‍कालीन सरकार की सही नीति करार दे चुके हैं. फोटो- REUTERS

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जनरल वेई फेंगहे ने सिंगापुर में क्षेत्रीय सुरक्षा के एक फोरम में यह बात भी कही थी कि राजनीतिक अस्थिरता के कारण तत्‍कालीन सरकार ने जो कदम उठाए थे वो सही थे.

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चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स भी नरसंहार को देश में भविष्य में किसी राजनीतिक उथल-पुथल के खिलाफ वेक्सीनेशन बताता है.

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