Kuldhara Village: गर्मियों की छुट्टियां आते ही हर किसी का मन किसी नई और खास जगह जाने का करता है. अगर आप भी कुछ अलग अनुभव चाहते हैं, तो जैसलमेर के पास स्थित कुलधरा गांव आपके लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन हो सकता है. थार रेगिस्तान के बीच बसा यह गांव अपनी रहस्यमयी कहानियों और खंडहरों के लिए जाना जाता है, जो इसे और भी खास बना देते हैं. यह गांव जैसलमेर से करीब 18 किमी. दूर रेगिस्तान में बसा हुआ है. कुलधरा को भारत के सबसे भूतिया गांव में से एक भी माना जाता है.
सुनसान जगह से पहले कुलधरा गांव में भी थी जिंदगी
कुलधरा हमेशा से वीरान नहीं था, कभी यहां भी जिंदगी का बसेरा था, जिससे कई कहानियां भी जुड़ी हुई हैं. स्थानीय लोगों की मानें तो 13वीं सदी के आसपास इस गांव को पालीवाल ब्राह्मणों ने बसाया था, जो अपने व्यापार और रेगिस्तान में खेती करने की खास कला के लिए जाने जाते थे. कहते हैं कि उस खास किस्म की खेती से उन्होंने खूब तरक्की भी हासिल की थी. देखने में यह गांव बहुत ही सुंदर बना हुआ है, जिसमें घर अच्छी तरह से बने हुए थे. साथ ही, इस गांव में पानी की व्यवस्था के लिए कुएं और बावड़ियां जैसी व्यवस्थाएं भी हो रखी थीं. एक समय में यहां लोगों की चहल-पहल रहती थी, बच्चे आंगन में खेलते थे और मंदिरों से पूजा की आवाजें सुनाई देती थीं. यही था उस समय का कुलधरा.
लेकिन फिर ऐसा समय आया जिसने इस गांव को हमेशा के लिए बदल दिया. 1800 के आसपास पूरा गांव अचानक खाली हो गया. रेगिस्तान में पानी ही सबसे जरूरी होता है, और धीरे-धीरे यहां के कुएं सूखने लगे, जिससे जीना मुश्किल हो गया. ऊपर से यहां के शासकों ने हर चीज पर भारी टैक्स लगा दिए थे, जिससे लोगों पर और दबाव बढ़ गया था. कुछ लोगों का मानना है कि भूकंप ने भी गांव को नुकसान पहुंचाया, जिसके कारण लोगों को यहां से जाना पड़ा.
कुलधरा गांव से जुड़ी कहानी
आसपास के लोगों की मानें तो इस गांव से जुड़ी एक कहानी भी बहुत प्रचलित है. कहा जाता है कि सलीम सिंह नाम का एक ताकतवर मंत्री गांव की एक लड़की पर मोहित हो गया था. वह उससे शादी करना चाहता था, लेकिन गांव वालों ने साफ मना कर दिया. गांव वालों ने हार मानने के बजाय एक बड़ा फैसला लिया कि वे सब कुछ छोड़कर यहां से चले जाएंगे.
कहते हैं कि एक ही रात में न सिर्फ कुलधरा, बल्कि आसपास के कई गांव भी खाली हो गए. लोग अचानक गायब हो गए और जैसे जिंदगी वहीं रुक गई. जाने से पहले लोगों ने इस जगह को श्राप दिया था कि यहां कोई भी फिर कभी बस नहीं पाएगा. हैरानी की बात ये है कि आज तक ये गांव खाली ही पड़ा है.
क्या कुलधरा गांव है भूतिया?
कुलधरा के बारे में आपको कई तरह की कहानियां सुनने को मिलेंगी. लोग कहते हैं कि यहां रात में अजीब आवाजें आती हैं, खंडहरों के बीच परछाइयां घूमती दिखती हैं और ऐसा लगता है जैसे कोई आपको देख रहा हो. कुछ पैरानॉर्मल ग्रुप्स ने भी यहां अजीब अनुभव होने का दावा किया है.
लेकिन स्थानीय लोग इन भूत-प्रेत वाली बातों पर पूरी तरह भरोसा नहीं करते हैं. उनके लिए ये कहानियां कुलधरा की खासियत का हिस्सा हैं. तो हो सकता है ये जगह सच में भूतिया हो और हो सकता है नहीं भी.
कुलधरा गांव में क्या क्या किया जा सकता है?
कुलधरा सिर्फ खंडहर नहीं, बल्कि आप यहां कुछ अलग भी कर सकते हैं. आप पूरा दिन लगाकर यह गांव घूम सकते हैं, पुराने घरों के अंदर उनकी यूनिक बनावट का मजा ले सकते हैं. गांव की दीवारों पर बने सुंदर चित्रों का दीदार कर सकते हैं. सनसेट होने के बाद यह गांव और भी खूबसूरत लगता है, जो फोटो खींचने के लिए एकदम परफेक्ट है. राजस्थान सरकार भी इस गांव को डेवलप करने के लिए काम कर रही है. आने वाले समय में यहां कैफे, टूरिस्टों के लिए और ज्यादा बेहतर इंतजाम देखने को मिल सकते हैं.
कैसे पहुंचें (How To Get There)
कुलधरा पहुंचना काफी आसान है. जैसलमेर से आप टैक्सी ले सकते हैं या लोकल टूर बुक कर सकते हैं. कई लोग इसे डेजर्ट सफारी के साथ भी प्लान करते हैं. कुलधरा सिर्फ भूत-प्रेत या रहस्य की जगह नहीं है, बल्कि यह एक शांत, खूबसूरत और दिलचस्प जगह भी है, जो हर किसी को अपनी तरफ खींच लेती है.
कुलधरा गांव के आस-पास घूमने की जगह
कुलधरा गांव घूमने के साथ-साथ उसके आसपास भी कई शानदार जगहें हैं, जिन्हें आप अपनी ट्रिप में शामिल कर सकते हैं जैसे- सम सैंड ड्यून्स, खुरी गांव, जैसलमेर किला, गड़ीसर झील, बड़ा बाग आदि.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क