T20 WC, SA vs WI: BLM मूवमेंट के सपोर्ट में घुटने पर बैठने से इनकार, मैच में नहीं खेला SA का ये खिलाड़ी

टी20 वर्ल्ड कप 2021 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले से पहले साउथ अफ्रीकी टीम में विवाद खड़ा हो गया. दरअसल सोमवार को क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने ऐलान किया था कि उनकी टीम हर मुकाबले से पहले घुटने पर बैठेगी. ताकि ब्लैक लाइव्स मैटर (BLM) मूवमेंट को सपोर्ट किया जा सके.

Advertisement
South Africa Cricket South Africa Cricket

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST
  • साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम में खड़ा हुआ विवाद
  • पिछले साल हुई थी BLM मूवमेंट की शुरुआत

टी20 वर्ल्ड कप 2021 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले से पहले साउथ अफ्रीकी टीम में विवाद खड़ा हो गया. दरअसल, सोमवार को क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने ऐलान किया था कि उनकी टीम हर मुकाबले से पहले घुटने पर बैठेगी. ताकि ब्लैक लाइव्स मैटर (BLM) मूवमेंट को सपोर्ट किया जा सके.

लेकिन साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक अपने बोर्ड के फैसले खुश नहीं हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में डिकॉक प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं है. इसके पीछे की वजह बीएलएम मूवमेंट का विरोध करना है. डिकॉक की जगह रीजा हेनड्रिक्स को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया.

Advertisement

साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा से जब प्लेइंग इलेवन के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि क्विंटन डिकॉक प्लेइंग इलेवन में नहीं हैं. हालांकि बावुमा ने डिकॉक के खेलने की नहीं खेलने की वजह निजी कारणों को बताया. 

साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड ने भी इस पूरे मामले पर अपना बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है, 'क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मंगलवार के खेल से पहले दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक के निजी कारणों से नहीं खेलने के फैसले को नोट कर लिया है.'

'नस्लवाद के खिलाफ 'घुटने टेकने' के लिए सोमवार शाम को सीएसए बोर्ड के निर्देश के अनुरूप सभी खिलाड़ियों को निर्देशों का पालन करना था. यह नस्लवाद के खिलाफ वैश्विक हाव-भाव भी है जिसे खिलाड़ियों द्वारा अपनाया गया है. क्योंकि वे लोगों को एक साथ लाने के लिए खेल की ताकत को पहचानते हैं.' 

Advertisement

'खिलाड़ियों की पसंद की स्वतंत्रता सहित सभी प्रासंगिक मुद्दों पर विचार करने के बाद बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया था कि टीम के लिए नस्लवाद के खिलाफ एक स्टैंड लेना अनिवार्य है, खासकर साउथ अफ्रीका के इतिहास को देखते हुए. बोर्ड का विचार था कि दैनिक जीवन के अभिव्यक्ति के कई पहलुओं में विविधता होनी चाहिए. लेकिन जब नस्लवाद के खिलाफ एक स्टैंड लेने की बात आती है तो यह लागू नहीं होता है.'

'बोर्ड अगला कदम उठाने से पहले टीम प्रबंधन की एक और रिपोर्ट का इंतजार करेगा. विश्व कप के बचे हुए मुकाबलों के लिए सभी खिलाड़ियों से इस निर्देश का पालन करने की अपेक्षा की जाती है. सीएसए अन्य सभी प्रोटियाज खिलाड़ियों के एकजुट होने और नस्लवाद के खिलाफ इतना अहम पब्लिक स्टैंड लेने के लिए धन्यवाद देता है.' 

पिछले साल हुई थी BLM की शुरुआत

पिछले साल बीएलएम मूवमेंट के फिर से उभरने के बाद से दक्षिण अफ्रीका ने नस्लवाद विरोधी आंदोलन का समर्थन करने के लिए सख्त रुख अपनाया है. लेकिन राष्ट्रीय टीम ने कभी एक साथ घुटने नहीं टेके हैं. हालांकि पिछले साल जुलाई में 3TC टूर्नामेंट के दौरान निदेशक ग्रीम स्मिथ सहित टूर्नामेंट में में शामिल सभी खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और प्रशासकों ने खेलने से पहले घुटने टेककर इस मूवमेंट को समर्थन दिया था. 

Advertisement

BLM मूवमेंट के विरोधी हैं डिकॉक? 

इस साल साउथ अफ्रीका के विंडीज दौरे के दौरान यह सहमति बनी थी कि टीम के सदस्य घुटने टेकने, मुट्ठी उठाने या खड़े होकर ध्यान मग्न होने के बारे में अपना निर्णय खुद लेंगे. विशेष रूप से अश्वेत खिलाड़ियों अलावा कुछ श्वेत खिलाड़ियों और स्टाफ के सदस्यों, जिनमें कोच मार्क बाउचर, रासी वैन डर डूसेन और काइल वेरेने शामिल हैं ने घुटने टेक कर इसका सपोर्ट किया था. कुछ श्वेत खिलाड़ियों ने मुट्ठी उठाई, वहीं कुछ ने खड़े खोकर ध्यान दिया. परंतु, क्विंटन डी कॉक ने तीन विकल्पों में से किसी का भी अवलोकन नहीं किया. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »