भारतीय बैडमिंटन से जुड़ी एक शानदार खबर सामने आई है. सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार जोड़ी ने आखिरकार वह कर दिखाया, जिसका भारतीय फैन्स लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. दुनिया की पूर्व नंबर-1 भारतीय जोड़ी ने बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 सिंगापुर ओपन में मेन्स डबल्स खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. सात्विक-चिराग की जोड़ी सिंगापुर ओपन में डबल्स खिताब जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गई. यही नहीं, यह उनके करियर का नौवां वर्ल्ड टूर खिताब और तीसरा सुपर 750 टाइटल भी रहा.
रविवार (31 मई) को खेले गए रोमांचक फाइनल में भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया के फजर अल्फियान और मोहम्मद शोहिबुल फिक्री को 18-21, 21-17, 21-16 से हराया. करीब 1 घंटे 13 मिनट तक चले इस हाईवोल्टेज मुकाबले में सात्विक और चिराग ने पहला गेम गंवाने के बाद जिस अंदाज में वापसी की, उसने पूरे स्टेडियम को रोमांच से भर दिया.
यह सिर्फ एक खिताबी जीत नहीं थी, बल्कि दो साल के लंबे इंतजार, लगातार हारते फाइनल और दबाव के खिलाफ बड़ी जीत भी थी. भारतीय जोड़ी ने आखिरी बार 2024 थाईलैंड ओपन जीता था. इसके बाद चार अलग-अलग फाइनल में पहुंचने के बावजूद हर बार ट्रॉफी हाथ से निकल गई थी. लेकिन इस बार सिंगापुर में दोनों खिलाड़ियों ने इतिहास बदल दिया.
फाइनल की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए अच्छी नहीं रही. इंडोनेशियाई खिलाड़ियों ने पहले गेम में तेज शुरुआत की और भारतीय जोड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा. लेकिन दूसरे गेम से मैच पूरी तरह बदल गया. सात्विक और चिराग ने लंबी रैलियों में अपना दबदबा दिखाना शुरू किया. सात्विक-चिराग के स्मैश, नेट प्ले और कोर्ट कवरेज ने इंडोनेशियाई जोड़ी को बैकफुट पर धकेल दिया. जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, भारतीय जोड़ी का आत्मविश्वास बढ़ता गया और निर्णायक गेम में उन्होंने पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया.
यह जीत इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि फाइनल से पहले भारतीय जोड़ी का इंडोनेशियाई खिलाड़ियों के खिलाफ हेड टू हेड रिकॉर्ड 1-2 था. जनवरी में मलेशिया ओपन में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन इस बार कहानी बदल चुकी थी.
सिंगापुर ओपन में सात्विक-चिराग का सफर शुरुआत से ही शानदार रहा. सेमीफाइनल में उन्होंने मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन और टॉप सीड दक्षिण कोरियाई जोड़ी किम वोन हो और सियो सेउंग जे को हराकर बड़ा उलटफेर किया था. उसी जीत ने साफ संकेत दे दिया था कि भारतीय जोड़ी इस बार ट्रॉफी जीतने के मिशन पर है.
मैच जीतते ही दोनों खिलाड़ी कोर्ट पर लेट गए. सात्विक ने खास 'बेबी सेलिब्रेशन' किया, जबकि चिराग खुशी से जोरदार चीखते हुए अपने साथी पर कूद पड़े. इसके बाद दोनों ने कोर्ट पर डांस किया और लंबे समय बाद ट्रॉफी जीतने की खुशी खुलकर मनाई. यह जीत सिर्फ एक टूर्नामेंट की जीत नहीं, बल्कि भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ा संदेश भी है- सात्विक और चिराग की जोड़ी फिर से दुनिया पर राज करने के लिए तैयार है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क