सूर्यकुमार यादव रायपुर टी20 में जब क्रीज पर आए, तब भारत का स्कोर दूसरे ओवर में ही 6 रन पर 2 विकेट था. माहौल टेंशन वाला था, सवाल उनके फॉर्म को लेकर भी थे, शुरुआत में ही वो जैकब डफी की गेंद पर चकमा खा गए और गेंद उनके बल्ले के पास से निल गई. डफी ने फॉलो-थ्रू में रुककर पिच को देखा, जबकि कप्तान सूर्या कुछ पल तक उसी जगह टिके रहे, ऐसा लगा कि रायपुर की पिच अब न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के साथ है.
बीते कई महीनों से सूर्यकुमार यही कहते आए थे कि उनके खेल में कोई कमी नहीं है, बस रन साथ नहीं दे रहे. उनका मानना था कि अगर फॉर्म और रन में फर्क किया जाए, तो उनका फॉर्म बना हुआ है. रायपुर में सूर्या ने अपने विश्वास को सही साबित किया.
यह भी पढ़ें: ईशान किशन हुए इमोशनल, खुद सुनाई ड्रीम कमबैक की कहानी
वहीं इसके साथ यह बात भी साबित कर दी कि अभिषेक शर्मा जो पहली बार टी20 में गोल्डन डक पर आउट हुए, उनके बिना भी टीम इंडिया रनचेज की महारत रखती है.वैसे रायपुर में अभिषेक शर्मा पहली गेंद पर आउट हुए तो लगा अब कैसे होगा चेज? वहीं कैप्टन सूर्यकुमार लगातार इस बात पर जोर देते रहे कि मानसिक रूप से वह पूरी तरह तैयार हैं.
शुक्रवार (23 जनवरी) की रात आखिरकार वही पल आ गया. 37 गेंदों में 82 रन, 9 चौके और 4 छक्के, यह पारी हर मायने में पहले वाले सूर्या की थी. अक्टूबर 2024 के बाद से 23 T20I पारियों में बिना अर्धशतक के चला आ रहा सूखा खत्म हुआ. यह पारी इस बात की भी याद दिलाने वाली थी कि T20 में टाइमिंग सिर्फ बल्ले और गेंद के मिलन की नहीं होती, बल्कि मौके के साथ भी होती है.
यह भी पढ़ें: 4 छक्के-11 चौके, 32 गेंदों में 76 रन… ईशान किशन की आंधी से क्यों ‘नाराज’ हुए कप्तान सूर्यकुमार यादव?
इस वापसी में दूसरे छोर से ईशान किशन की भूमिका निर्णायक रही. नागपुर मैच के साथ उन्होंने नवंबर 2023 के बाद T20I में वापसी की, लेकिन यह मौका यूं ही नहीं मिला. भारत ने T20I टॉप ऑर्डर में शुभमन गिल को आराम दिया, जिससे टीम की जरूरतें बदलीं. संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी बनी और बैकअप विकेटकीपर के तौर पर टॉप ऑर्डर विकल्प जरूरी हो गया.
यह भी पढ़ें: 785 दिन का इंतजार, घरेलू मेहनत और धमाकेदार वापसी: भारतीय क्रिकेट के 'सिंड्रेला मैन' बने ईशान किशन
जितेश शर्मा टीम से बाहर हुए और किशन की एंट्री हुई, उनकी मेहनत के दम पर. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 10 मैचों में 517 रन बनाए, वो भी 197.33 की स्ट्राइक रेट से. ऐसे में सेलेक्टर्स मजबूर हो गए.
रायपुर में भारत जब 200 से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा कर रहा था, तब शुरुआती दो विकेट गिरने के बाद किशन ने जिम्मेदारी संभाली. जकारिया फॉल्क्स का 24 रन का ओवर उनके आत्मविश्वास को पंख दे गया. ऑफ साइड में चौके, लेग साइड में फ्लिक और इससे कीवी बॉलर प्रेशर में आ गए.
डफी, मिचेल सेंटनर और मैट हेनरी, कोई भी किशन को रोक नहीं पाया. 21 गेंदों में अर्धशतक, पावरप्ले में 10 चौके और छह ओवर के बाद भारत 75/2. इस आक्रामकता ने सूर्यकुमार को वह समय दिया, जो T20 में बहुत कम मिलता है.
यह भी पढ़ें: India vs New Zealand 2nd T20I Highlights: रायपुर टी20 में टीम इंडिया की 7 विकेट से धमाकेदार जीत, सूर्या-ईशान ने कीवी गेंदबाजों को धो डाला
छह ओवर बाद सूर्यकुमार ने सिर्फ आठ गेंदें खेली थीं और उतने ही रन बनाए थे. मैच के बाद में उन्होंने कहा- मुझे नहीं पता ईशान ने लंच में क्या खाया या मैच से पहले क्या किया, लेकिन 6/2 पर आकर इस तरह बल्लेबाज़ी करते हुए पावरप्ले में 70 के आसपास पहुंचा देना मैंने पहले कभी नहीं देखा था.
25 रन का एक ओवर इस साझेदारी का टर्निंग पॉइंट बना. सूर्यकुमार के शॉट्स में फिर से वही उनका SWAG दिखा , फाइन लेग के ऊपर से छक्के, कवर्स के बीच ड्राइव और बेजोड़ शॉट. 23 गेंदों में उनका अर्धशतक पूरा हुआ.
भारत ने रायपुर टी20 मैच जीतकर सीरीज में 2–0 की बढ़त बना ली. सूर्यकुमार यादव शांत कॉन्फिडेंस के साथ मैदान से लौटे, यह एक कप्तान की, एक बल्लेबाज की और एक लंबे इंतजार की जीत थी. T20 क्रिकेट में फ्यूचर की कोई गारंटी नहीं, और यह बात वह खुद भी जानते होंगे, लेकिन रायपुर टी20 की पारी ने उनके शब्दों को सही साबित कर दिया. वहीं भारत को इस मुकाबले से कई पॉजिटिव नोट्स भी मिले हैं.
शिवम दुबे भी दिखा रहे उपयोगिता
शिवम दुबे ने भी रायपुर टी20 में शानदार 18 गेंदों पर 36 रनों की पारी खेली, और मैच फिनिश किया. वहीं उन्होंने एक विकेट भी लिया. इससे पहले उन्होंने नागपुर टी20 में भी दो विकेट झटके थे, ऐसे में वो यह बात तो साबित कर रहे हैं कि मौका मिले तो गेंदबाज भी कमाल के हैं.वहीं संजू सैमसन को थोड़ा कैलकुलेटिव होना होगा, क्योंकि वो रायपुर में भी नागपुर के बाद नहीं चले.
aajtak.in