करीब दो साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर रहने के बाद ईशान किशन ने खुद से सिर्फ एक सवाल पूछा कि क्या मैं दोबारा भारत के लिए कर सकता हूं या नहीं? जवाब उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे T20I में रायपुर में बल्ले से दिया.
209 रनों के बड़े टारगेट का पीछा करते हुए ईशान किशन ने 32 गेंदों में 76 रनों की विस्फोटक पारी खेली और मैच को एकतरफा बना दिया. यह उनकी वापसी के बाद सिर्फ दूसरी इंटरनेशनल पारी थी, लेकिन असर किसी झारखंड के इस बल्लेबाज पर नहीं रहा.
प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद किशन ने कहा-मैंने खुद से पूछा, क्या मैं फिर से इंडिया की जर्सी पहन सकता हूं और परफॉर्म कर सकता हूं? मेरे पास इसका बहुत साफ जवाब था.
टीम इंडिया से बाहर होने के बाद किशन ने बॉटम-अप अप्रोच अपनाई. उन्होंने बुची बाबू ट्रॉफी और डीवाई पाटिल टूर्नामेंट जैसे घरेलू टूर्नामेंट खेले और फिर झारखंड को उसकी पहली सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई. पूरे सीजन में उन्होंने 500 से ज्यादा रन बनाए.
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किशन ने कहा-मुझे बस रन बनाने थे. खुद को जवाब देना जरूरी था कि मेरी बल्लेबाजी कहां खड़ी है? डोमेस्टिक क्रिकेट मेरे लिए बहुत जरूरी था.
मैच में भारत की शुरुआत खराब रही थी और टीम 6/2 पर थी. लेकिन इसके बावजूद किशन ने दबाव में भी आक्रामक क्रिकेट खेला. मैं आज सिर्फ अपने माइंडसेट पर फोकस कर रहा था, अगर आउट भी हो जाता, तो भी अच्छी क्रिकेट खेलना चाहता था.
करीब 240 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करने के बावजूद किशन ने कहा कि उन्होंने अनावश्यक जोखिम नहीं लिया.उन्होंने कहा 200 से ज्यादा का टारगेट का पीछा कर रहे हों तो पावरप्ले में रन बनाना जरूरी होता है, लेकिन हम रिस्क नहीं लेना चाहते थे.
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कप्तान सूर्यकुमार यादव भी किशन की पारी से हैरान रह गए. उन्होंने कहा- 6/2 पर इस तरह बल्लेबाजी करते मैंने पहले कभी नहीं देखा, पावरप्ले में 67-70 रन पहुंचा देना अविश्वसनीय था. सूर्या ने मजाक में यह भी कहा कि वे किशन से नाराज थे क्योंकि उन्हें पावरप्ले में स्ट्राइक नहीं मिली. कप्तान सूर्या बोले- मैं थोड़ा गुस्सा था, लेकिन मुझे पता था कि बाद में कवर कर लूंगा.
23 पारियों के बाद अपना पहला अर्धशतक लगाने वाले सूर्यकुमार ने भी माना कि ब्रेक और नेट्स में की गई मेहनत ने उन्हें मदद की.
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