'9 महीने बहुत मुश्किल थे…', सेमीफाइनल के बाद भी भावुक हुए संजू सैमसन, सुनाई अपने संघर्ष की कहानी

T20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी खेलने वाले संजू सैमसन ने भारत को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. 'प्लेयर ऑफ द मैच' बने सैमसन ने मैच के बाद खुलासा किया कि पिछले नौ महीने उनके लिए बेहद मुश्किल रहे. उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर और फोन बंद करके खुद को फिर से संभाला.

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बेंच से हीरो तक: 42 गेंदों में 89 रन, सैमसन ने भारत को पहुंचाया फाइनल  (Photo: ITG) बेंच से हीरो तक: 42 गेंदों में 89 रन, सैमसन ने भारत को पहुंचाया फाइनल (Photo: ITG)

aajtak.in

  • मुंबई ,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:47 AM IST

भारतीय टीम ने T20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 7 रनों से हराकर फाइनल में जगह बना ली. इस रोमांचक जीत के सबसे बड़े हीरो रहे संजू सैमसन. जिन्होंने 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच बने.

लेकिन इस दमदार प्रदर्शन के पीछे एक लंबा संघर्ष छिपा था. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैमसन ने बताया कि पिछले नौ महीने उनके लिए बेहद मुश्किल रहे और इस दौर से निकलना आसान नहीं था.
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बेंच पर बैठे रहे, फिर मिला मौका
दरअसल इस टूर्नामेंट में यह सैमसन का सिर्फ चौथा मैच था. शुरुआती मुकाबलों में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई थी और वह ज्यादातर समय बेंच पर बैठे रहे. हालांकि सेमीफाइनल में मौका मिलने पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. उससे पहले वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ भी उन्होंने 97 रनों की नाबाद पारी खेली थी. 

पिछले नौ महीने बहुत चैलेंज‍िंग थे...संजू ने कहा
मैच के बाद सैमसन ने कहा कि पिछला समय उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौरों में से एक रहा. उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि पिछले नौ महीने मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण थे. मैं हमेशा टीम के लिए योगदान देना चाहता था और वर्ल्ड कप जीतने में मदद करना चाहता था.

सैमसन ने बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान वह बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आए थे, लेकिन उस दौरान वह रन नहीं बना पाए. इसी वजह से वह थोड़ा ज्यादा दबाव महसूस करने लगे थे.
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उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि उस समय मैं थोड़ा ज्यादा कोशिश कर रहा था. मैं इम्पैक्ट डालना चाहता था और वर्ल्ड कप की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना चाहता थ, मुझे लगा कि मुझे खेल की रेस्पेक्ट करनी चाहिए. मुझे अपने बेसिक्स पर वापस आना था और उन पर फिर से मेहनत करनी थी.

क्या सैमसन ने फोन बंद कर लिया?
इस मुश्किल दौर से बाहर निकलने के लिए सैमसन ने खुद को बाहरी शोर से दूर रखा. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना फोन तक बंद कर दिया था और सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली थी. सैमसन ने मैच के बाद बताया- उस समय मेरे करीबी लोग मेरे साथ थे. मैंने बाहरी आवाजें सुनना बंद कर दिया था. मैंने अपना फोन बंद कर दिया और सोशल मीडिया पर भी नहीं था. बहुत कम लोगों से बात करता था. इससे मुझे सही दिशा में फोकस करने में मदद मिली.

सैमसन की मेहनत आखिरकार सेमीफाइनल में रंग लाई. उन्होंने दबाव भरे मुकाबले में 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को बड़ा स्कोर दिलाया, जो अंत में जीत की नींव साबित हुआ. अब भारतीय टीम फाइनल में पहुंच चुकी है और सैमसन का आत्मविश्वास भी अपने चरम पर है. अगर वह इसी तरह बल्लेबाजी करते रहे, तो भारत के लिए खिताब जीतने की राह और भी आसान हो सकती है.

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