न्यूजीलैंड क्रिकेट में एक युग का अंत, केन विलियमसन ने लिया संन्यास, विराट कोहली से रहा है खास याराना

क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी सिर्फ आंकड़े नहीं बनाते, बल्कि अपनी छाप छोड़ जाते हैं. केन विलियमसन उन्हीं खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने अपने बल्ले से रिकॉर्ड बनाए, कप्तानी से इतिहास रचा और अपने व्यवहार से लाखों दिल जीते.

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केन विलियमसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा... (Photo: Getty) केन विलियमसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा... (Photo: Getty)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • लंदन,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:44 PM IST

विश्व क्रिकेट के सबसे सम्मानित और सफल बल्लेबाजों में से एक केन विलियमसन ने 12 जून (शुक्रवार) को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया. 16 साल तक न्यूजीलैंड क्रिकेट की पहचान रहे इस दिग्गज बल्लेबाज ने तत्काल प्रभाव से संन्यास लेने का ऐलान कर क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस फैसले के साथ ही न्यूजीलैंड क्रिकेट के एक सुनहरे अध्याय का भी अंत हो गया. विलियमसन इसी महीने न्यूजीलैंड की ओर से इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट मैच में उतरे थे. विलियमसन की भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली से खास जुगलबंदी रही है. दोनों अंडर-19 के दिनों से एक साथ मैदान पर उतरते रहे.

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35 वर्षीय केन विलियमसन ने अपने करियर का समापन न्यूजीलैंड के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में किया. उन्होंने 378 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 19,346 रन बनाए, जिसमें 48 शतक शामिल रहे. आंकड़े बताते हैं कि वह सिर्फ न्यूजीलैंड ही नहीं, बल्कि अपने दौर के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक रहे हैं.

2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले केन विलियमसन ने बहुत जल्द दुनिया को अपनी तकनीक, धैर्य और क्लास का मुरीद बना लिया था. उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता कम, लेकिन प्रभाव और निरंतरता सबसे ज्यादा दिखाई देती थी. विलियमसन उस दौर में न्यूजीलैंड क्रिकेट का चेहरा बने, जब टीम दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जाने लगी. उन्होंने न सिर्फ रन बनाए, बल्कि टीम को जीतने की आदत भी सिखाई.

WTC की ऐतिहासिक खिताबी जीत
बल्लेबाजी के अलावा कप्तान के रूप में भी केन विलियमसन का योगदान ऐतिहासिक रहा. उनकी अगुवाई में न्यूजीलैंड ने 2019 के वनडे विश्व कप में फाइनल तक का सफर तय किया. लेकिन उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2021 में आई, जब न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर पहला आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप खिताब जीता. यह जीत ना सिर्फ न्यूजीलैंड क्रिकेट, बल्कि विलियमसन की कप्तानी की भी सबसे बड़ी पहचान बन गई.

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केन विलियमसन सिर्फ अपने रिकॉर्ड्स के लिए नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और खेल भावना के लिए भी दुनिया भर में सम्मानित रहे हैं. मैदान पर शायद ही कभी उन्हें गुस्से में देखा गया हो. जीत हो या हार, उनके चेहरे पर हमेशा शांति और विनम्रता दिखाई देती थी.यही वजह है कि विरोधी खिलाड़ी भी उनका उतना ही सम्मान करते थे, जितना उनके अपने साथी.

न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वॉल्टर ने कहा कि विलियमसन जैसे खिलाड़ी और इंसान बहुत कम मिलते हैं. उन्होंने कहा कि केन विलियमसन का प्रभाव आने वाले कई वर्षों तक न्यूजीलैंड क्रिकेट की संस्कृति में दिखाई देगा.

केन विलियसन एक नजर में:
♦ 378 अंतरराष्ट्रीय मैच
♦ 19,346 अंतरराष्ट्रीय रन
♦ 48 अंतरराष्ट्रीय शतक
♦ 6 दोहरे शतक
♦ ICC विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप विजेता कप्तान (2021)
♦ ICC क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2015)
♦ ICC टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2019)
♦ सर रिचर्ड हैडली मेडल विजेता (4 बार)

अब जब वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, तो न्यूजीलैंड ही नहीं बल्कि पूरा क्रिकेट जगत एक ऐसे खिलाड़ी को मिस करेगा जिसने खेल को गरिमा, क्लास और ईमानदारी के साथ जिया. केन विलियमसन का बल्ला भले ही अब अंतरराष्ट्रीय मैदान पर नहीं दिखेगा, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी.

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