इंडियन प्रीमियर लीग (2026) के लिए पिछले साल 16 दिसंबर को अबू धाबी में आयोजित मिनी ऑक्शन हुआ था. जहां ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन पर पैसों की बारिश हुई थी.
ग्रीन को तब कोलकाता नाइट राइडर्स ने 25.20 करोड़ रुपये में खरीदा. इसके साथ ही तब ग्रीन आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बन गए थे. ग्रीन ने उसके साथ ही तब अपने हमवतन मिचेल स्टार्क का रिकॉर्ड तोड़ा था.
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज स्टार्क को आईपीएल 2024 की नीलामी में केकेआर ने 24.75 करोड़ रुपये में खरीदा था. वहीं ऋषभ पंत (27 करोड़ रुपये) आईपीएल के सबसे महंगे प्लेयर हैं.
लेकिन इस अपडेट के बाद अब बात कैमरन ग्रीन के मौजूदा आईपीएल फॉर्म की, यानी आईपीएल 2026 की. जहां ग्रीन बल्ले से संघर्ष करते नजर आ रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि उनके बल्ले में वो बात नहीं, ना वो तेजी से रन बना पा रहे हैं और ना ही टिक पा रहे हैं.
कुल मिलाकर शाहरुख खान के मालिकाना हक वाली यह टीम जरूर अब सोच रही होगी कि इस खिलाड़ी को क्यों खरीदा. वहीं वो गेंदबाजी नहीं कर रहे थे, तो कई क्रिकेट के दिग्गजों ने सोचा कि आखिर इतना भारी ऐसे खिलाड़ी पर निवेश करने की वजह क्या थी?
14 अप्रैल को हुए मुकाबले में वो नूर अहमद की पहली ही गेंद पर गोल्डन डक पर निपट गए; ऐसा लगा कि वो इस गेंद के लिए पूरी तरह से तैयार ही नहीं थे.
उनके गेंदबाजी ना करने को लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने 30 मार्च को सफाई दी थी. बयान कुछ ऐसा था- कैमरून को लोअर बैक इंजरी है, जिसे मैनेज किया जा रहा है, लेकिन इसकी वजह से उन्हें कुछ समय के लिए गेंदबाजी से दूर रहना होगा. वह भारत में धीरे-धीरे अपनी गेंदबाजी का वर्कलोड बढ़ा रहे हैं और उम्मीद है कि 10-12 दिनों में वापसी कर देंगे.
वैसे उनकी गेंदबाजी छोड़िए, वो तो बल्लेबाजी में भी संघर्ष क रहे हैं. आंकड़े इस बात की बानगी हैं. कोलकाता के लिए इस आईपीएल में 5 मैचों की 5 पारियों में अब तक उन्होंने 56 रन बनाए हैं. जहां उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 32* है . ग्रीन का बल्लेबाजी एवरेज 14 और स्ट्राइक रेट 143.58 रहा है. इस दौरान उनके बल्ले से 5 चौके और 2 छक्के आए हैं.
वहीं गेंदबाजी में तो उनके आंकडे तो बेहद नीरस है. 5 मैचों की 2 पारियों में उन्होंने 24 गेंदों पर 58 रन पड़वाए हैं. इस दौरान उनके अब तक आईपीएल में महज एक सफलता मिली है. यानी साफ है कि वो अपनी कीमत के मुताबिक तो नहीं खेल पाए हैं.
अब जानें ब़ड़े सवाल का जवाब: क्या सच में कैमरन ग्रीन को 25.20 करोड़ मिलेंगे?
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के नियमों के मुताबिक मिनी ऑक्शन में कोई भी विदेशी खिलाड़ी अधिकतम 18 करोड़ रुपये ही कमा सकता है, भले ही फ्रेंचाइजी टीम उस पर इससे ज्यादा की ही बोली क्यों न लगा दे.
यानी बोली 18 करोड़ से ऊपर जाने के बावजूद विदेशी खिलाड़ी को उतनी ही रकम मिलेगी. यह नियम आईपीएल 2025 के लिए हुई मेगा नीलमी में पहली बार लागू किया गया था और बाद में इसे मिनी ऑक्शन में भी लागू कर दिया गया था.
जिसका मकसद वित्तीय अनुशासन बनाए रखना और मिनी ऑक्शन में होने वाली अत्यधिक महंगी बोलियों पर लगाम लगाना था. यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन भले ही 25.20 करोड़ रुपये में नीलाम हुए, लेकिन उनकी आईपीएल सैलरी सिर्फ 18 करोड़ रुपये होगी. बचे हुए 12 करोड़ रुपये भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के प्लेयर्स वेलफेयर फंड में जाएंगे. पर, फ्रेंचाइजी टीम को 25.20 करोड़ रुपये अपने पर्स से चुकाने पड़े.
कुल मिलाकर यह नियम सिर्फ विदेशी खिलाड़ियों के लिए है और भारतीय खिलाड़ी पूरी बोली की रकम पाने के हकदार होंगे, चाहे वह 18 करोड़ से ज्यादा ही क्यों न हो. आईपीएल 2025 के लिए हुई मेगा नीलामी में ऋषभ पंत सबसे महंगे खिलाड़ी रहे थे. पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा था और उन्हें पूरी सैलरी मिली थी. पंत आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क