2023 वाली पीड़ा या जीतेंगे वर्ल्ड कप... अहमदाबाद में इस बार इस्तेमाल होगी 'हाइब्र‍िड प‍िच', जानें फाइनल में क्या सरप्राइज मिलेगा?

T20 World Cup Final Pitch Report: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत-न्यूजीलैंड T20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले पिच चर्चा का विषय बन गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां रेड और ब्लैक मिट्टी का मिश्रण वाली पिच इस्तेमाल हो सकती है. ऐसी पिच पर बाउंस और ग्रिप दोनों मिलते हैं, जिससे बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को मदद मिल सकती है. भारत के लिए 2023 वर्ल्ड कप फाइनल की याद भी इससे जुड़ी है.

Advertisement
भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल अहमदाबाद में होना है (Photo: PTI) भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल अहमदाबाद में होना है (Photo: PTI)

aajtak.in

  • अहमदाबाद ,
  • 07 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:21 PM IST

Ahmedabad pitch report for T20 World Cup Final 2026: भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले T20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. टीम कॉम्बिनेशन और मैच-अप की बात तो हो ही रही है, लेकिन इस बड़े मुकाबले का एक अहम फैक्टर पिच भी हो सकती है, जो मैच का रुख तय कर सकती है.

Advertisement

यह मैदान भारत के बाकी स्टेडियमों से थोड़ा अलग है. यहां तीन तरह की पिचें तैयार की जाती हैं, रेड सॉइल (लाल मिट्टी), ब्लैक सॉइल (काली मिट्टी) और दोनों का मिश्रण. हर तरह की पिच का अपना अलग स्वभाव होता है और उसी के हिसाब से मैच का अंदाज भी बदल जाता है.

काली मिट्टी की पिच आम तौर पर थोड़ी धीमी होती है. ऐसे ट्रैक पर गेंद रुककर आती है और बल्लेबाजों के लिए सीधे शॉट खेलना मुश्किल हो जाता है. वहीं लाल मिट्टी की पिच पर बाउंस और गति ज्यादा मिलती है, जिससे बल्लेबाज खुलकर शॉट लगा पाते हैं और बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं.

इसी वजह से फाइनल से पहले ग्राउंड स्टाफ पिच को लेकर काफी सोच-विचार कर रहा है. ESPNcricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनल मुकाबले के लिए जिस सेंटर पिच पर खेल होने की उम्मीद है, वह रेड और ब्लैक मिट्टी का मिश्रण हो सकती है. ऐसी हाइब्रिड पिच आम तौर पर दोनों तरह के गुण देती है, शुरुआत में अच्छा बाउंस और पेस, जबकि मैच आगे बढ़ने पर गेंद थोड़ी ग्रिप भी कर सकती है.

Advertisement

दरअसल, टूर्नामेंट के दौरान भारत का एक अनुभव भी क्यूरेटरों के दिमाग में होगा. सुपर-8 स्टेज में इसी मैदान पर काली मिट्टी की पिच पर भारत को साउथ  अफ्रीका के खिलाफ भारी हार झेलनी पड़ी थी. उस मुकाबले में पिच धीरे-धीरे काफी धीमी हो गई थी और रन बनाना मुश्किल हो गया था.

इसी वजह से इस बार फाइनल के लिए ऐसी पिच चुनने पर विचार हो रहा है, जो ज्यादा संतुलित हो. दिलचस्प बात यह भी है कि शुक्रवार देर रात तक पिच पर अंतिम फैसला आधिकारिक तौर पर नहीं हुआ था. आम तौर पर जब स्टंप कैमरे लगाए जाते हैं तो यह संकेत होता है कि पिच तय हो चुकी है, लेकिन उस समय तक कैमरे नहीं लगाए गए थे.

मैदान पर एक खास पिच ने ग्राउंड स्टाफ का ध्यान खींचा था. स्थानीय क्यूरेटर उसे करीब से जांचते नजर आए, जबकि BCCI के CEO हेमंग अमीन भी उस स्ट्रिप का निरीक्षण करते दिखे. बाद में उस पिच को कवर भी कर दिया गया. यह पिच टूर्नामेंट के दौरान लगभग नई ही रही है. इस पर अब तक सिर्फ एक मैच खेला गया था, जो 9 फरवरी को कनाडा और साउथ अफ्रीका के बीच हुआ था. उस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 213 रन बनाए थे और 53 रन से जीत दर्ज की थी. तब से यह पिच ज्यादा इस्तेमाल नहीं हुई है, इसलिए फाइनल के लिए इसे अपेक्षाकृत फ्रेश ट्रैक माना जा रहा है.

Advertisement

2023 वर्ल्ड कप में कैसी थी प‍िच 
काली मिट्टी के मुकाबले लाल मिट्टी की मात्रा ज्यादा रखने का सबसे बड़ा कारण 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की हार भी माना जा रहा है. उस मुकाबले में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ काली मिट्टी वाली पिच पर शिकस्त मिली थी. ऐसी पिचें धीरे-धीरे काफी धीमी हो जाती हैं, जिससे बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाता है. उसी फाइनल में भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने में काफी दिक्कत हुई थी. इसके अलावा मौजूदा टूर्नामेंट के सुपर-8 चरण में भी अहमदाबाद में भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 70 से ज्यादा रन से हार का सामना करना पड़ा था. उस मैच में भी पिच धीमी हो गई थी, जिसे टीम के लिए एक तरह से चेतावनी माना जा रहा है.

भारत-न्यूजीलैंड फाइनल में पिच कैसी रहेगी
अगर रेड और ब्लैक मिट्टी की मिश्रित पिच उम्मीद के मुताबिक खेलती है तो फाइनल तेज और हाई-स्कोरिंग हो सकता है. ऐसी पिच पर गेंद में अच्छा बाउंस और कैरी मिलता है, जिससे आक्रामक बल्लेबाजी आसान हो जाती है. भारत के तेज गेंदबाजों को भी शुरुआत में मदद मिल सकती है. नई गेंद से जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह शुरुआती ओवरों में मूवमेंट निकालने की कोशिश करेंगे. खासकर बुमराह की सटीक लाइन-लेंथ और हार्ड लेंथ पर गेंदबाजी उन्हें बाउंसी पिच पर बेहद खतरनाक बना देती है.

Advertisement

मध्य ओवरों में स्पिनर्स की भूमिका भी अहम होगी. वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल रन रोकने की जिम्मेदारी निभा सकते हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर कुलदीप यादव को भी मौका दिया जा सकता है. भले ही पिच ज्यादा टर्न न करे, लेकिन स्पिनर्स बीच के ओवरों में मैच की गति धीमी कर सकते हैं.

न्यूजीलैंड का गेंदबाजी अटैक कैसा है?
 न्यूजीलैंड का गेंदबाजी आक्रमण भी ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार है. मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन जैसी तेज गेंदबाज जोड़ी बाउंस और पेस का फायदा उठाने में माहिर है. इसके अलावा जेम्स नीशम भी सीम गेंदबाजी का विकल्प देते हैं.
स्पिन विभाग में कप्तान मिचेल सैंटनर के साथ रचिन रविंद्र और कोल मैककॉन्की टीम को संतुलन देते हैं. अगर मैच के दौरान पिच थोड़ी पकड़ बनाने लगे तो ये गेंदबाज अहम भूमिका निभा सकते हैं. 

क्या भारत रचेगा इत‍िहास
भारत इस फाइनल में इतिहास रचने के बेहद करीब है. टीम ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में हराया था, जहां संजू सैमसन की धमाकेदार बल्लेबाजी की मदद से भारत ने 254 रन का विशाल स्कोर बनाया. अब अगर भारत यह मुकाबला जीतता है तो वह T20 वर्ल्ड कप खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बन सकता है, और वह भी अपने घरेलू मैदान पर. दूसरी ओर न्यूजीलैंड भी अपना बड़ा पल तलाश रहा है. कोलकाता में खेले गए सेमीफाइनल में ब्लैक कैप्स ने दक्षिण अफ्रीका को 168 रन पर रोक दिया था. इसके बाद टिम सिफर्ट और फिन एलेन की तूफानी ओपनिंग साझेदारी ने सिर्फ 12.5 ओवर में नौ विकेट से जीत दिला दी.ऐसे में जब दोनों टीमों के पास आक्रामक बल्लेबाजी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है, तब अहमदाबाद की पिच इस वर्ल्ड कप फाइनल को और भी रोमांचक बना सकती है.

Advertisement


 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement