राजकोट टेस्ट में कोहली फील्डिंग और गेंदबाजी से निराश, इंग्लैंड ने दिखाया दम

न्यूजीलैंड का क्लीन स्वीप करने के बाद टीम इंडिया से उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं. इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट टेस्ट मैच में 'विराट टीम' से बेहतरीन खेल की उम्मीद थी. हालांकि भारतीय टीम का प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा.

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एलिस्टर कुक और विराट कोहली एलिस्टर कुक और विराट कोहली

अमित रायकवार

  • राजकोट,
  • 13 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 10:48 PM IST

न्यूजीलैंड का क्लीन स्वीप करने के बाद टीम इंडिया से उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं. इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट टेस्ट मैच में 'विराट टीम' से बेहतरीन खेल की उम्मीद थी. हालांकि भारतीय टीम का प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा. राजकोट टेस्ट मैच में इंग्लैंड की तरफ से चार शतक लगे और टीम इंडिया की तरफ से सिर्फ दो. इतना ही नहीं गेंदबाजी में इंग्लैंड का ही पलड़ा भारी रहा. इस टेस्ट मैच में आदिल रशिद ने सबसे ज्यादा सात विकेट झटके, तो जफर अंसारी और मोईन अली ने तीन-तीन विकेट लिए. वहीं टीम इंडिया की स्पिन तिगड़ी ने जडेजा,अश्विन, मिश्रा ने तीन-तीन विकेट झटकने में कामयाब रही. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने जगह लापरवाही भी बरती नहीं तो परिणाम कुछ ओर भी हो सकता था.

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इस टेस्ट मैच में दोनों ही टीमों की पर्फोमेंस को देखा जाए, तो इस बात में कोई दो राय नहीं है कि इंग्लैंड टीम ने खेल के हर विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन किया. सीरीज में अब चार टेस्ट मैच बचे हैं. टीम इंडिया पर पिछली हार का बदला लेने का दबाव भी है. ऐसे में विराट टीम को अपने प्रदर्शन के स्तर को ऊंचा उठाना होगा. तभी इंग्लैंड पर जीत हासिल की जा सकती है.


गौतम गंभीर और मुरली विजय की सलामी जोड़ी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. पहली पारी में इस जोड़ी ने सिर्फ 68 रन जोड़े. तो दूसरी पारी में ये जोड़ी एक भी रन नहीं जोड़ सकी. हालांकि विजय पहली पारी में सिर्फ 126 रन की शतकीय पारी खेली. लेकिन गौतम के प्रदर्शन में गंभीरता नजर नहीं दिखी. इस टेस्ट की दो पारियों में गंभीर ने 23 और 0 का स्कोर किया. किसी भी मुकाबले को जीतने के लिए ओपनिंग जोड़ी का अच्छा प्रदर्शन कर बेहद जरूरी है. इसके अलावा भारतीय टीम की फील्डिंग भी सवालों में रही. कई कैच छोड़े गए. जिसका खामियाजा भी भारतीय टीम को उठाना पड़ा.

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पहली पारी में मुरली विजय का शतक, विराट कोहली की 40 रनों की पारी और आर अश्विन के बेहतरीन 70 रनों की बदौलत टीम इंडिया ने एक बड़ा स्कोर तो जरूर खड़ा किया. लेकिन दूसरी पारी में टीम इंडिया की बल्लेबाजी पूरी तरह से सवालों में रही. कप्तान विराट कोहली को छोड़ कोई भी बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सका. अजिंक्य रहाणे का फॉर्म टीम इंडिया के थिंक टैंक के माथे पर चिंता की लकीरें जरूर खींच रहा है.


राकोट की विकेट स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार थी और अश्विन एंड कंपनी से फिर से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी. लेकिन टीम इंडिया के स्पिनर्स को कुछ नहीं कर पाए. लेकिन इंग्लैंड के युवा स्पिनर्स ने भारतीय बल्लेबाजों के होश ठिकाने जरूर लगा दिए. इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाज आदिल रशीद ने सबसे ज्यादा सात विकेट झटके. जबकि बेहतरीन स्पिनरों में से एक आर अश्विन, रवींद्र जडेजा और अमित मिश्रा जैसे गेंदबाज एक-एक विकेट लेने के लिए झूझते रहे. बहरहाल पहला टेस्ट मैच तो ड्रॉ हो गया. लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया की ये रहा किसी भी लिहाज से आसान नहीं होने वाली है. कप्तान विराट कोहली और कोच अनिल कुंबले को नए सिरे रणनीति पर विचार करने की जरूरत होगी.

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