भारत में यंग टैलेंट को लेकर बहस तेज है, लेकिन हरभजन सिंह ने साफ चेतावनी दी है कि जल्दबाजी में फैसले नुकसानदायक हो सकते हैं. 417 टेस्ट विकेट लेने वाले पूर्व स्पिनर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर BCCI को संयम बरतने की सलाह दी है.
महज 14 साल की उम्र में IPL डेब्यू करने वाले सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया है. बड़े गेंदबाजों के सामने भी उन्होंने बेखौफ खेल दिखाया है, जिसके बाद उन्हें टेस्ट टीम में शामिल करने की मांग उठने लगी है. उनके साथ आयुष म्हात्रे का नाम भी चर्चा में है.
हालांकि, भज्जी का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट सिर्फ टैलेंट नहीं, बल्कि सही माइंडसेट का खेल है. उन्होंने उदाहरण देते हुए यशस्वी जायसवाल की तारीफ की और उन्हें मौजूदा समय का सबसे बेहतर ऑल-फॉर्मेट बल्लेबाज बताया.
मुंबई में सचिन तेंदुलकर के 53वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित एक इवेंट में हरभजन ने कहा कि जायसवाल में टेस्ट और टी20 दोनों का सही बैलेंस है. वह जरूरत पड़ने पर एक पूरे सेशन तक गेंद छोड़ सकते हैं और फिर मौके मिलने पर रन भी बना सकते हैं.
हरभजन ने साफ किया कि सूर्यवंशी, जायसवाल और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों का नैचुरल गेम अटैकिंग है, लेकिन टेस्ट में सिर्फ अटैक से काम नहीं चलता. स्विंग और मुश्किल हालात में डिफेंस भी उतना ही जरूरी है.
सबसे अहम बात पर आते हुए भज्जी ने चेतावनी दी कि अगर बिना तैयारी के सूर्यवंशी को सीधे इंग्लैंड जैसे कठिन दौरे पर भेजा गया, तो यह समझदारी नहीं होगी. इंग्लैंड की पिचों पर स्विंग और सीम मूवमेंट युवा बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.
भारत को जून में अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट खेलना है, इसके बाद श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैच होने हैं. ऐसे में सेलेक्टर्स के सामने युवा खिलाड़ियों को मौका देने का सवाल जरूर होगा.
हरभजन का स्पष्ट संदेश है कि अगर सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट में खिलाना है, तो पहले उसे तैयार करना होगा. सही माइंडसेट और तकनीक के साथ वह न सिर्फ गेंद को हिट कर सकता है, बल्कि उसे डिफेंड भी कर सकता है. लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला उसके करियर पर असर डाल सकता है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क