अमेरिका-ईरान वार्ता के विफल होने से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है. सीजफायर के बाद आई तेजी पर अब ब्रेक लगने की आशंका है, जबकि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव से तेल कीमतों में उछाल आ सकता है. इसका असर महंगाई, निवेश और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है.