Vastu Upay: आजकल हम अपने घरों को सजाने और खूबसूरत दिखाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करते हैं, लेकिन अक्सर जाने-अनजाने में हम घर की सफाई करने वाली दो सबसे जरूरी चीजों झाड़ू और डस्टबिन की दिशा को लेकर गंभीर गलती कर बैठते हैं. वास्तु शास्त्र में इन दोनों वस्तुओं को घर की शांति, बरकत और आर्थिक स्थिति का निर्णायक माना गया है. यदि इनकी दिशा गलत हो, तो ये न केवल नकारात्मक ऊर्जा को खींचती करती हैं, बल्कि घर में दरिद्रता और तनाव की वजह भी बन सकती हैं. आइए जानते हैं कि वास्तु के मुताबिक इन्हें रखने का सही तरीका क्या है.
झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसका उचित सम्मान करना बहुत जरूरी है.
किचन और मंदिर से रखें दूर: झाड़ू को कभी भी रसोई (किचन) या पूजा घर के पास नहीं रखना चाहिए. ऐसा करना अन्न और देवी-देवताओं का अपमान माना जाता है, जिससे घर में नकारात्मकता आती है.
नजरों से दूर रखें: वास्तु शास्त्र के अनुसार, झाड़ू को हमेशा नजरों से दूर और किसी कोने में छिपाकर रखना चाहिए. इसे खुले स्थान पर या मुख्य दरवाजे के बिल्कुल सामने रखना दरिद्रता को बुलावा देने जैसा है.
सही दिशा का चुनाव: वास्तु के अनुसार, झाड़ू रखने के लिए उत्तर-पश्चिम (North-West) या दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा का कोना सबसे अच्छा माना गया है.
समय का रखें ध्यान: सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू-पोछा नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इससे घर की सुख-समृद्धि बाहर चली जाती है.
जिस तरह गंदगी नकारात्मकता का स्रोत है, उसी तरह गलत जगह पर रखा डस्टबिन वास्तु दोष की वजह बनता है.
ईशान कोण (North-East) है वर्जित: घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में भूलकर भी डस्टबिन न रखें. यह स्थान देवी-देवताओं का माना जाता है, और यहां गंदगी रखने से घर में सबसे बड़ा वास्तु दोष पैदा होता है.
डस्टबिन के लिए सर्वश्रेष्ठ दिशा: वास्तु विशेषज्ञ डस्टबिन को हमेशा दक्षिण-पश्चिम (South-West) या उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा में रखने की सलाह देते हैं.
खुला न छोड़ें: डस्टबिन को हमेशा ढक्कन से ढककर रखना चाहिए. खुले डस्टबिन से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा घर के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य और आपसी रिश्तों में तनाव पैदा कर सकती है.
सफाई की अनिवार्यता: डस्टबिन के आस-पास कचरा जमा न होने दें. कूडेदान को समय-समय पर धोकर साफ रखना घर की बरकत के लिए जरूरी है, वरना यह घर में पैसों से जुड़ी परेशानियां पैदा होती हैं.
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