Vastu Tips: घर में बात-बात पर तू-तू, मैं-मैं शुरू हो जाती है. संबंधों में स्थिरता नहीं है. पति-पत्नी को एक-दूसरे में अच्छाइयों के बजाय कमियां ज्यादा दिखती हैं. स्थिति तलाक तक पहुंच गई है तो अपने घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को ध्यान से चेक करें. यह जीवन में स्थिरता और संबंधों में मधुरता बनाए रखने की दिशा है. इस दिशा का वास्तु दोष ईशान कोण के बाद सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव देता है.
घर में चार सदस्य हैं तो चारों की सोच और समझ एक दूसरे से बिल्कुल अलग होगी. विचारों की यही भिन्नता लड़ाई-झगड़े से शुरू होकर पति-पत्नी में तलाक या अन्य संबंधों में बड़े विवाद का कारण बनती है. इस दिशा का वास्तु दोष संबंधों में कभी स्थिरता नहीं रहने देता. इसलिए इस वास्तु दोष को हटाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है.
कैसे देखें दक्षिण-पश्चिम दिशा का वास्तु दोष?
दक्षिण-पश्चिम दिशा में किसी भी प्रकार का गड्ढा, रसोई और टॉयलेट बड़े वास्तु दोष में आते हैं. यदि इन तीनों चीजों में से कुछ भी आपके घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में है तो उसे तुरंत हटा दें. इस दिशा में रसोई और टॉयलेट होने पर कोई उपाय नहीं है. यहां गड्ढा आर्थिक नुकसान, रसोई संबंधों में झगड़े और गलतफहमियां, टॉयलेट एक दूसरे पर विश्वास को खत्म कर देता है.
यदि विवाह नहीं हुआ है तो विवाह में देरी और विवाह हो चुका है तो संबंधों को ठीक नहीं रहने देता है. तलाक तक की नौबत लाने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे महत्वपूर्ण मानी गई है. इस दिशा में नीला, काला, हरा, लाल रंग भी संबंधों में दरार पैदा करता है. इस दिशा में हरे रंग के रूप में पेड़ पौधे भी संबंधों में दरार पैदा करते हैं. इसलिए दक्षिण-पश्चिम दिशा में हरियाली न हो तो संबंधों के लिए बेहतर है.
संबंध सुधारने के लिए क्या करें?
दक्षिण-पश्चिम दिशा में रसोई और टॉयलेट नहीं होनी चाहिए. लाल और हरा रंग भी किसी रूप में न हो. संबंधों को बेहतर बनाए रखने के लिए यहां जोड़े में लव बर्ल्ड रखना अच्छा माना जाता है. संबंधों में स्थिरता के लिए इस दिशा का भारी होना और यहां पीला व दूधिया सफेद रंग का होना अच्छा है.
अंशु पारीक