जानें, क्या है रक्षाबंधन की रात्रि का महत्व?

आज पूरे भारत में रक्षाबंधन का पवित्र पर्व मनाया जा रहा है. लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि रक्षाबंधन की रात्रि का भी बहुत महत्व होता है. आइए जानते हैं रक्षाबंधन की रात्रि पर क्या उपाय करने चाहिए और क्यों...

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रक्षाबंधन रक्षाबंधन

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 26 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 8:38 AM IST

श्रावण की पूर्णिमा काफी महत्वपूर्ण तिथि है. चंद्रमा इस दिन संपूर्ण और काफी पवित्र होता है. इस दिन चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है, जो धन, प्रेम और स्वास्थ्य तीनों देती है. इस दिन विशेष प्रयोग करके बेहतरीन स्वास्थ्य, अपार प्रेम और खूब सारा धन पाया जा सकता है. लेकिन प्रयोगों के लिए कुछ सावधानियों और नियमों के पालन की आवश्यकता है.

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श्रावणी पूर्णिमा पर किन सावधानियों के पालन की आवश्यकता है ?

- इस दिन पूर्ण रूप से जल और फल ग्रहण करके उपवास रखने का प्रयास करें.

- रखें न रखें लेकिन इस दिन सात्विक आहार ही ग्रहण करें, तो ज्यादा बेहतर होगा.

- शरीर के शुद्ध और खाली रहने से आप ज्यादा बेहतर तरीके से अमृत की प्राप्ति कर पाएंगे.

- इस दिन काले रंग का प्रयोग न करें, चमकदार सफेद रंग के वस्त्र धारण करें तो ज्यादा अच्छा होगा.

अच्छे स्वास्थ्य के लिए इस दिन क्या प्रयोग करें ?

- रात्री के समय स्नान करके गाय के दूध में घी मिलाकर खीर बनाएं.

- खीर को भगवान को अर्पित कर के विधिवत भगवान कृष्ण की पूजा करें.

- मध्य रात्री में जब पूर्ण रूप से उदित हो जाए, तब चंद्रदेव की उपासना करें.

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- चंद्रमा के मंत्र "ॐ सोम सोमाय नमः" का जाप करें.

- इसके बाद शिव जी के मंत्र "नमः शिवाय" का जाप करें.

- खीर का प्रसाद घर के सभी लोग एक साथ ग्रहण करें.

प्रेम में सफलता के लिए इस दिन क्या प्रयोग करें ?

- शाम के समय भगवान राधा-कृष्ण की उपासना करें.

- दोनों को संयुक्त रूप से एक गुलाब के फूलों की माला अर्पित करें.

- मध्य रात्रि को सफ़ेद वस्त्र धारण करके चंद्रमा को अर्घ्य दें.

- इसके बाद निम्न मंत्र का कम से कम 3 माला जाप करें -"ॐ राधावल्लभाय नमः"

- या मधुराष्टक का कम से कम 3 बार पाठ करें.

- मनचाहे प्रेम को पाने की प्रार्थना करें.

- भगवान को अर्पित की हुई गुलाब की माला को अपने पास सुरक्षित रखें.

अपार धन की प्राप्ति के लिए इस दिन क्या प्रयोग करें ?

- रात्री के समय मां लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाएं.

- इसके बाद उन्हें गुलाब के फूलों की माला अर्पित करें.

- सफ़ेद मिठाई और गुलाब का इत्र भी अर्पित करें.

- इसके बाद निम्न मंत्र का कम से कम 11 माला जाप करें.

- "ॐ ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद महालक्ष्मये नमः"

- अर्पित किए हुए इत्र को रोज प्रातः स्नान के बाद लगाएं.

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- आपको धन का अभाव नहीं होगा.

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