Somvati Amavasya: सोमवती अमावस्या कब है? खास संयोग में करें ये उपाय

Somvati Amavasya: सोमवती अमावस्या 2026 की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जानें. सुख-सौभाग्य और पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन जरूर करें ये विशेष उपाय.

Advertisement
साल 2026 में अधिकमास के दौरान पड़ने वाली यह अमावस्या अत्यंत पावन मानी जा रही है. साल 2026 में अधिकमास के दौरान पड़ने वाली यह अमावस्या अत्यंत पावन मानी जा रही है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:55 PM IST

Somvati Amavasya:  हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, और जब यह सोमवार के दिन पड़ती है, तो इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है. साल 2026 में अधिकमास के दौरान पड़ने वाली यह अमावस्या अत्यंत पावन मानी जा रही है. इस दिन सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो इसे और भी फलदायी बनाता है. 

Advertisement

कब है सोमवती अमावस्या?
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या तिथि 14 जून 2026 को दोपहर 12:19 बजे शुरू होगी, 15 जून 2026 को सुबह 08:23 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि की मान्यता के कारण, सोमवती अमावस्या 15 जून 2026, सोमवार को मनाई जाएगी. 

धार्मिक महत्व
सोमवती अमावस्या को भगवान शिव, माता पार्वती और पितरों की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है. मान्यता है कि इस दिन पति-पत्नी साथ मिलकर शिव-शक्ति की आराधना करें, तो उनके वैवाहिक जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं. इसके अलावा, पितरों की शांति के लिए किए गए तर्पण और दान-पुण्य से वंश वृद्धि और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

सुख-सौभाग्य बढ़ाने के सरल उपाय
आर्थिक कष्टों के लिए: अमावस्या पर गेहूं के आटे में चीनी मिलाकर चींटियों को खिलाने से धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं.

Advertisement

मां लक्ष्मी की कृपा: शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं. मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं . घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

ईशान कोण का महत्व: घर के उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में काले धागे की बत्ती डालकर घी का दीपक जलाएं. इसमें थोड़ा सा केसर डालने से घर में सुख-शांति बढ़ती है. 

पीपल की पूजा: स्नान के बाद पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाकर उसकी परिक्रमा करें. यह उपाय आर्थिक तंगी को दूर करने में सहायक माना जाता है.

दान-पुण्य: इस दिन सफेद मिठाई, तिल, वस्त्र, अन्न और जरूरतमंदों को जूते-चप्पल का दान करना अत्यंत फलदायी होता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »