Amavasya Kab Hai: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य का राशि परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है. 15 जून 2026 को दोपहर 12:53 बजे सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य 16 जुलाई 2026 की रात तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे. सूर्य का यह गोचर देश-दुनिया के साथ ही सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में बड़े बदलाव लाने वाला है.
त्रिग्रही और बुधादित्य योग का विशेष संयोग
इस गोचर के दौरान आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति में एक दुर्लभ बदलाव देखने को मिल रहा है. मिथुन राशि में सूर्य का प्रवेश करते ही वहां पहले से मौजूद बुध के साथ उनकी युति से बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है. साथ ही, चंद्रमा की स्थिति के साथ मिलकर यह समय एक विशेष त्रिग्रही प्रभाव भी बना रहा है. ज्योतिष में बुधादित्य योग को बुद्धि, यश, करियर और आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है.
दुनिया और मौसम पर असर
ग्रहों की यह चाल वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा करेगी. राजनीतिक मोर्चे पर बड़े घटनाक्रम सामने आ सकते हैं. आर्थिक बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी, विशेषकर शेयर और धातु बाजार में सावधानी बरतने की आवश्यकता है. मौसम की बात करें तो, सूर्य के प्रभाव से तापमान में वृद्धि और कुछ क्षेत्रों में असामान्य वर्षा के संकेत मिल रहे हैं.
इन राशियों के लिए रहेगा विशेष लाभकारी
सूर्य का यह गोचर कुछ राशियों के लिए शानदार परिणाम लेकर आएगा:
मेष: कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी, प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी . अटके हुए काम पूरे होंगे.
सिंह: इस राशि के जातक शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे. नए संपर्कों से लाभ होगा . आरोग्य सुख की प्राप्ति होगी.
कन्या: व्यापारिक वर्ग को विशेष लाभ होगा. नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति के योग बन रहे हैं.
मकर: नई योजनाओं में परिजनों का सहयोग मिलेगा. अपनी बुद्धि से तनाव कम करने में सफल रहेंगे. राजकीय कार्यों से लाभ होगा.
सावधानी बरतने का समय
चूंकि मिथुन राशि में ग्रहों का यह मेल कई तरह की खगोलीय हलचल पैदा कर रहा है, इसलिए आने वाले एक महीने तक सभी जातकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बड़े निर्णय में जल्दबाजी न करें. यह समय आत्म-चिंतन और धैर्य के साथ आगे बढ़ने का है.
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