Quote Of the Day: सूरज तो दिन में दिखता ही है, लेकिन बादलों के पीछे भी रोशनी छिपी होती है—श्री अरविंद
बुरा वक्त हमेशा नहीं रहता
अक्सर जब हमारे जीवन में दुख या परेशानियां आती हैं, तो हमें लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया है और अब कोई रास्ता नहीं बचा है. श्री अरविंद हमें याद दिलाते हैं कि ये परेशानियां बिल्कुल उन बादलों की तरह हैं जो सूरज को थोड़ी देर के लिए ढक तो लेते हैं, लेकिन उसे मिटा नहीं सकते. सूरज वहीं रहता है, बस हमें दिखाई नहीं देता.
खुद पर भरोसा रखें
इसका आसान सा मतलब यह है कि:
धैर्य रखें: बुरा समय बादलों की तरह है, जो अपने आप छंट जाएगा.
उम्मीद न छोड़ें: समाधान और रोशनी हमेशा हमारे आसपास ही मौजूद रहती है, बस हमें शांत मन से उसे ढूंढना होता है.
नजरिया बदलें: अगर हम यह मान लें कि रोशनी कहीं नहीं गई है, तो हम मुश्किलों से डरने के बजाय उनका सामना हिम्मत से कर पाएंगे.
संक्षेप में, श्री अरविंद मानते हैं कि चाहे हालात कितने भी खराब क्यों न हों, भीतर की शक्ति और अच्छाई हमेशा बनी रहती है. बस थोड़े सब्र के साथ उस उजाले के वापस आने का इंतज़ार करना चाहिए.
श्री अरविंद (Sri Aurobindo) एक महान भारतीय दार्शनिक, योगी, कवि और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने भारतीय संस्कृति और आधुनिक आध्यात्मिक चिंतन के मेल से पूर्ण योग (Integral Yoga) की स्थापना की. वे स्वतंत्रता संग्राम के शुरुआती दौर के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना जीवन पूर्णतः आध्यात्मिक साधना के लिए समर्पित कर दिया और द लाइफ डिवाइन व सावित्री जैसे कालजयी ग्रंथों की रचना की. उनका मानना था कि मनुष्य का विकास केवल भौतिक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक भी होना चाहिए ताकि वह एक दिव्य जीवन की ओर अग्रसर हो सके.
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